नेपाल में कुदरत की तबाही से 350 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। हजारों लोग लापता हैं। और अब नेपाल पर एक और बड़ा खतरा मंडरा रहा है। नेपाल की भोटेकोशी नदी में तबाही की वजह से एक बड़ी झील बन गई है। झील में पानी भरता जा रहा है। जनता से नदी से दूर जाने की अपील की जा रही है।
चीन ने नेपाल के विदेश मंत्रालय को जानकारी दी है कि भोटेकोशी नदी में तबाही की वजह से एक बड़ी झील बन गई है। सैटेलाइट इमेजेज से पता चला है कि झील का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और इसके टूटने का खतरा मंडरा रहा है।
NDRRMA नेपाल ने सैटेलाइट तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा है, "रसुवागढ़ी सीमा से करीब 18 किलोमीटर ऊपर ल्हेंदे नदी के तटीय क्षेत्र में नदी का बहाव बाधित होने के कारण लगभग 0.11 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में एक झील बन गई है। एक और बड़ी बाढ़ आने का खतरा बना हुआ है। इसलिए निचले तटीय इलाकों में रहने वाले सभी संबंधित पक्षों से जरूरी सावधानी बरतने और बेहद सतर्क रहने की अपील की गई है।"
नेपाल में कैसे आई तबाही?
तिब्बत के पहाड़ों पर ऐसा ही 2 हजार फीट चौड़ा ग्लेशियर जमा था। 17,000 फीट की ऊंचाई पर तिब्बत के पहाड़ पर ऐसी ही झील जमी थी। झील में ऊपर बर्फ ही बर्फ और नीचे करोड़ों लीटर पानी जमा था। झील के बांध से पहले थोड़ा-थोड़ा पानी पहाड़ों पर बहता था और अचानक से पूरी झील फट गई।
2,000 फीट चौड़ा बर्फ का टुकड़ा ग्लेशियर से टूट गया। 17,000 फीट की ऊंचाई से गिरा, और लगभग 4,000 फीट नीचे गिरा। ग्लेशियर इतने प्रेशर से फटा कि ऐसा लगा मानो पानी ने पहाड़ को फाड़ दिया। हजारों नहीं, लाखों नहीं, बल्कि करोड़ों लीटर पानी अचानक से नेपाल की तरफ बहने लगा।
पहाड़ की ढलान से पानी की रफ्तार बढ़ी। पहाड़ टूटने से बड़े-बड़े बोल्डर बहे और लाखों गैलन पानी एक साथ अचानक से तिब्बत के पहाड़ों से होते हुए सीधे भोटेकोशी नदी में आ गया, जिसने नेपाल को तबाह कर दिया।
ग्लेशियर फटने से नेपाल में करीब 2 करोड़ घनमीटर मतलब लगभग 2,000 करोड़ लीटर पानी अचानक से भोटेकोशी नदीं में आ गया। 2 हजार करोड़ लीटर पानी को ऐसे समझिए कि नेपाल के रसुवा में 30 दिन तक लगातार झमाझम बारिश होती तो तब जाकर इतना पानी आता। लेकिन इतना पानी एक महीने में ही नहीं, एक दिन में नहीं, बल्कि अचानक से कुछ ही मिनटों में भोटेकोशी नदी में आ गया। और जब संकरी नदी में इतना पानी आया तो भोटेकोशी नदी इस पानी को संभाल नहीं पाई। पुल, मकान, दुकान, बाजार, प्लांट, बांध... जो भी नदी के रास्ते में आया, वो भोटेकोशी नदी में समा गया। नेपाल में जो तबाही मची है, उसके पीछे की वजह सिर्फ पानी नहीं है, दूसरी सबसे बड़ी वजह वो नदी की रफ्तार भी है।
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