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भालुओं को मार रहा जापान! अब तक 14,000 को मार डाला, आखिर क्यों?

 Written By: Malaika Imam
 Published : Aug 27, 2026 04:20 pm IST,  Updated : Aug 27, 2026 04:56 pm IST

जापान में इंसानों पर भालुओं के हमले बढ़ने के बाद बड़े पैमाने पर भालुओं को मारने का अभियान शुरू किया गया है। अप्रैल 2025 से जनवरी 2026 के बीच 14,000 से ज्यादा भालुओं को मारा जा चुका है।

भालुओं के आतंक से परेशान जापान- India TV Hindi
भालुओं के आतंक से परेशान जापान Image Source : PEXELS.COM

जापान में इन दिनों इंसानों और भालुओं के बीच टकराव तेजी से बढ़ रहा है। पिछले साल भालुओं ने 230 से ज्यादा लोगों पर हमला किया, जिनमें 13 लोगों की मौत हो गई। यह जापान में भालू हमलों का अब तक का सबसे घातक साल रहा। हालात को देखते हुए जापान ने बड़े पैमाने पर भालुओं को मारने का अभियान शुरू किया। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल 2025 से जनवरी 2026 के बीच 14,000 से ज्यादा भालुओं को मार दिया गया। इनमें करीब 12,000 एशियाई काले भालू और 2,000 भूरे भालू शामिल थे। आपको बता दें कि दुनिया में भालू की कुल 8 मान्यता प्राप्त प्रजातियां पाई जाती हैं।

आखिर इंसानों के करीब क्यों आ रहे भालू?

जानकारों के मुताबिक इसकी कई वजहें हैं। जापान के जंगलों में भालुओं के मुख्य भोजन जैसे बलूत और बीच के फल की पैदावार कई इलाकों में कम हुई है। गर्मी और जलवायु परिवर्तन ने भी जंगलों में भोजन की उपलब्धता को प्रभावित किया है। इसके अलावा, जापान के ग्रामीण इलाकों में आबादी लगातार कम हो रही है। कई खेत और बगीचे खाली पड़े हैं। इन जगहों पर उगे फल और दूसरी वनस्पतियां भालुओं को गांवों और शहरों के आस-पास खींच रही हैं।

शिकारी भी कम हो गए

जापान सरकार का कहना है कि समस्या बढ़ने की एक बड़ी वजह प्रशिक्षित शिकारियों की कमी है। 1975 के बाद से लाइसेंस प्राप्त शिकारियों की संख्या आधे से भी कम रह गई है। इसी वजह से सरकार ने आबादी वाले इलाकों में भालुओं को गोली मारने के नियमों में भी ढील दी। इसके बाद भालुओं को पकड़ने और मारने की कार्रवाई काफी बढ़ गई।

इंसानों पर भालुओं के हमले
Image Source : PEXELS.COMइंसानों पर भालुओं के हमले

क्या 14 हजार भालुओं को मारने से समस्या खत्म हुई?

ऐसा होता नजर नहीं आ रहा है। अप्रैल 2026 से अब तक कम से कम 6 लोगों की मौत और 35 से ज्यादा लोगों के घायल होने की खबर है। यानी बड़ी संख्या में भालुओं को मारने के बावजूद इंसानों पर हमले जारी हैं। सरकार ने इस वित्तीय वर्ष में 8,800 और भालुओं को मारने का लक्ष्य रखा है। लेकिन संरक्षण विशेषज्ञ इस नीति पर सवाल उठा रहे हैं।

बड़े पैमाने पर शिकार से खत्म हो सकती है प्रजाति!

एशियाई काला भालू दुनिया भर में संकटग्रस्त प्रजातियों में शामिल है। जापान में इनकी अनुमानित संख्या करीब 42,000 बताई जाती है, हालांकि वैज्ञानिकों का कहना है कि यह आंकड़ा पूरी तरह सटीक नहीं है। जापान में भालुओं की सही संख्या का पता लगाने के लिए नया राष्ट्रीय सर्वे शुरू किया गया है, जिसे पूरा होने में करीब तीन साल लग सकते हैं। विशेषज्ञों की सबसे बड़ी चिंता यही है कि अगर भालुओं की वास्तविक संख्या सरकारी अनुमान से कम हुई, तो इतने बड़े पैमाने पर शिकार से कुछ क्षेत्रों में यह प्रजाति खत्म हो सकती है।

कुछ जगहों पर अलग तरीका अपनाया गया

जापान के करुइजावा इलाके में भालुओं को मारने के बजाय उन्हें इंसानी बस्तियों से दूर रखने पर जोर दिया जाता है। वहां विशेषज्ञ प्रशिक्षित कुत्तों की मदद से भालुओं को भगाते हैं। जरूरत पड़ने पर उन्हें बेहोश कर जंगल के अंदर छोड़ा जाता है। साथ ही लोगों को कचरा, फल और दूसरी चीजें इस तरह रखने की सलाह दी जाती है कि भालू गांवों की ओर आकर्षित न हों। इस इलाके में 2015 के बाद से ग्रामीण और गांवों के आस-पास भालू के हमले में किसी व्यक्ति की मौत नहीं हुई है।

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