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अजीत डोभाल से मिले चीनी विदेश मंत्री वांग यी, सीमा मुद्दे पर हुई अहम वार्ता

 Edited By: Amit Mishra
 Published : Aug 19, 2025 06:43 pm IST,  Updated : Aug 19, 2025 06:43 pm IST

चीन के विदेश मंत्री वांग यी दो दिनों के भारत दौरे पर है। इस दौरान चीन-भारत सीमा मुद्दे पर विशेष प्रतिनिधियों की 24वीं बैठक दिल्ली में आयोजित हुई है। बैठक में चीन-भारत सीमा मुद्दे पर अहम वार्ता हुई है।

अजीत डोभाल (R) चीनी विदेश मंत्री वांग यी (L)- India TV Hindi
अजीत डोभाल (R) चीनी विदेश मंत्री वांग यी (L) Image Source : ANI

Wang Yi Ajit Doval Meeting: अजीत डोभाल ने चीन के विदेश मंत्री वांग यी से की है। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब चीन के साथ संबंध सुधारने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। सीमा मुद्दे पर विशेष प्रतिनिधि स्तर की वार्ता के दौरान डोभाल ने भारत-चीन संबंधों में ‘नई ऊर्जा और गति’ के साथ-साथ सीमा पर शांति के महत्व को भी रेखांकित किया। डोभाल ने कहा कि सीमा पर शांति और सौहार्द बना हुआ है। उन्होंने कहा, ‘‘दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंध अब और प्रगाढ़ हुए हैं।’’ 

सीमा मुद्दे पर हुई अहम चर्चा

चीन-भारत सीमा मुद्दे पर विशेष प्रतिनिधियों की 24वीं बैठक दिल्ली में आयोजित हुई है। चीनी विदेश मंत्री वांग यी और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने चीन-भारत सीमा मुद्दे और द्विपक्षीय संबंधों पर व्यापक, गहन और उपयोगी चर्चा की। वांग यी ने कहा कि कजान में राष्ट्रपति शी जिनपिंग की प्रधानमंत्री मोदी के साथ बैठक के दौरान बनी महत्वपूर्ण सहमति ने चीन-भारत संबंधों को बेहतर बनाने और सीमा मुद्दे को उचित ढंग से निपटाने के लिए मार्ग प्रशस्त किया है और प्रोत्साहन प्रदान किया है। इस वर्ष की शुरुआत से, द्विपक्षीय संबंध एक स्थिर विकास की ओर अग्रसर हुए हैं, और सीमा पर हालात स्थिर और सुधरते हुए दिख रहे हैं।

चीन में होगी अगली बैठक

दोनों पक्षों ने इस बात पर भी सहमत हुए हैं कि सीमा क्षेत्र में शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए नियमित सीमा प्रबंधन और नियंत्रण को मजबूत किया जाए। दोनों पक्षों ने अगले वर्ष चीन में चीन-भारत सीमा मुद्दे पर 25वीं विशेष प्रतिनिधियों की बैठक आयोजित करने पर सहमति व्यक्त की है। दोनों पक्षों ने साझा हित के प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।

'भारत और चीन के सामने हैं साझा चुनौतियां'

बैठक में अजीत डोभाल ने कहा कि कजान बैठक भारत-चीन संबंधों के सुधार और विकास में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुई। इससे आपसी समझ में सकारात्मक बदलाव आए हैं, सीमा क्षेत्र में शांति और सौहार्द है और द्विपक्षीय संबंधों में अभूतपूर्व प्रगति हासिल हुई है। वर्तमान अशांत अंतर्राष्ट्रीय स्थिति के बीच, भारत और चीन कई साझा चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। आपसी समझ को बढ़ाना, विश्वास को गहरा करना और सहयोग को मजबूत करना आवश्यक है, क्योंकि यह दोनों देशों के लोगों की भलाई और विश्व शांति एवं विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। 

'पीएम मोदी जाएंगे चीन'

अजीत डोभाल ने कहा, ‘‘हमारे प्रधानमंत्री एससीओ शिखर सम्मेलन के लिए चीन का दौरा करेंगे और इसलिए इस वार्ता का विशेष महत्व है।’’ उन्होंने चीनी विदेश मंत्री वांग यी के साथ वार्ता के दौरान कहा कि प्रधानमंत्री शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के आगामी शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए चीन जाएंगे।  यह 31 अगस्त और एक सितंबर को शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए मोदी की चीनी शहर तियानजिन यात्रा की पहली आधिकारिक पुष्टि है। 

भारत-चीन संबंधों में हुआ सुधार 

वांग की यात्रा को दोनों पड़ोसी देशों द्वारा अपने संबंधों को फिर से बहाल करने के जारी प्रयासों के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है, जिनमें 2020 में गलवान घाटी झड़प के बाद गंभीर तनाव आ गए थे। एनएसए डोभाल ने पिछले साल दिसंबर में चीन की यात्रा की थी और वांग के साथ विशेष प्रतिनिधि स्तर की वार्ता की थी। पिछले कुछ महीनों में, दोनों पक्षों ने संबंधों को बहाल करने के लिए कई पहल की हैं, जिनमें कैलाश मानसरोवर यात्रा को फिर से शुरू करना और भारत द्वारा चीनी नागरिकों को पर्यटक वीजा जारी करना शामिल है। 

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