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बांग्लादेश में भूकंप के जोरदार झटके, भारत के भी कई राज्यों में हिली धरती

Edited By: Amar Deep @amardeepmau Published : Sep 21, 2025 02:12 pm IST, Updated : Sep 21, 2025 02:29 pm IST

बांग्लादेश में रविवार को 4.0 तीव्रता का भूकंप महसूस किया गया। भूकंप का केंद्र बांग्लादेश में था, हालांकि यह भारत की सीमा के बिल्कुल पास था। वहीं इस भूकंप की वजह से भारत के भी कई राज्यों की धरती हिल गई।

बांग्लादेश में था भूकंप का केंद्र।- India TV Hindi
Image Source : REPRESENTATIVE IMAGE बांग्लादेश में था भूकंप का केंद्र।

बांग्लादेश में रविवार को 4.0 तीव्रता का भूकंप महसूस किया गया। भूकंप का केंद्र बांग्लादेश में था, हालांकि यह भारत की सीमा के बिल्कुल पास था। वहीं इस भूकंप की वजह से भारत के भी कई राज्यों की धरती हिल गई। इस भूकंप का सबसे ज्यादा असर मेघालय में देखने को मिला। हालांकि अभी तक किसी भी प्रकार के जान-माल के नुकसान की खबर नहीं मिली है। अधिकारियों ने बताया कि बांग्लादेश से लगती मेघालय की सीमा के पास भारतीय समयानुसार सुबह 11.49 बजे भूकंप महसूस किया गया। उन्होंने कहा कि मेघालय में किसी भी तरह के नुकसान या किसी के हताहत होने की तत्काल कोई खबर नहीं है। मेघायल के अलावा त्रिपुरा, असम और मिजोरम के भी कई हिस्सों में भूकंप के झटके महसूस किए गए।

क्यों आते हैं भूकंप?

हाल के दिनों में देश-दुनिया के कई इलाकों में भूकंप की घटनाओं में बढ़ोतरी देखी जा रही है। हमारी धरती के भीतर 7 टेक्टोनिक प्लेट्स हैं। ये प्लेट्स लगातार अपने स्थान पर घूमते रहती हैं। हालांकि, कभी-कभी इनमें टकराव या घर्षण भी होता है। इसी कारण धरती पर भूकंप की घटनाएं देखने को मिलती हैं। इसका सबसे ज्यादा नुकसान आम जनजीवन को उठाना पड़ता है। भूकंप से मकानें गिर जाती हैं, जिसमें दबकर हजारों लोगों की मौत हो जाती है।

भारत में क्या हैं भूकंप के जोन

भूगर्भ विशेषज्ञों के अनुसार, भारत के कुल भूभाग के लगभग 59 फीसदी हिस्से को भूकंप के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है। वैज्ञानिकों ने भारत में भूकंप क्षेत्र को जोन-2, जोन-3, जोन-4 व जोन-5 यानी  4 भागों में विभाजित किया है। जोन-5 के इलाकों को सबसे ज्यादा संवेदनशील माना जाता है, जबकि जोन-2 कम संवेदनशील माना जाता है। हमारे देश की राजधानी दिल्ली भूकंप के जोन-4 में आती है। यहां 7 से अधिक तीव्रता के भी भूकंप आ सकते हैं जिससे बड़ी तबाही हो सकती है। भारत में हिमालय क्षेत्र और कुछ अन्य फॉल्ट लाइनों (जैसे कच्छ, पूर्वोत्तर भारत) के कारण भूकंप का खतरा अधिक है, क्योंकि भारतीय प्लेट यूरेशियन प्लेट से टकरा रही है। 

रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता का अंदाजा

4 से 4.9 तीव्रता के भूकंप में घर में रखा सामान अपनी जगह से नीचे गिर सकता है। 5 से 5.9 तीव्रता के भूकंप में भारी सामान और फर्नीचर भी हिल सकता है। 6 से 6.9 में इमारत का बेस दरक सकता है। 7 से 7.9 में इमारतें गिर जाती हैं। 8 से 8.9 में सुनामी का खतरा होता है और ज्यादा तबाही मचती है। 9 या ज्यादा में सबसे भीषण तबाही होती है।

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