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आतंकवाद को ‘कतई बर्दाश्त न करने’ के भारत के फैसले के साथ इंडोनेशिया, कहा-"हमारा भी यही नजरिया"

 Published : May 28, 2025 03:49 pm IST,  Updated : May 28, 2025 03:57 pm IST

आतंकवाद के खिलाफ जंग में भारत की जोरी टोलरेंस नीति को इंडोनेशिया का भी पूर्ण समर्थन मिला है। इंडोनेशिया के अधिकारियों ने जकार्ता गए भारत के संसदीय दलों से कहा कि उनके देश का भी आतंकवाद पर यही नजरिया है।

इंडोनेशिया में भारत का डेलीगेशन। - India TV Hindi
इंडोनेशिया में भारत का डेलीगेशन। Image Source : AP

जकार्ता: आतंकवाद को ‘कतई बर्दाश्त नहीं करने’ की भारत की नीति के साथ इंडोनेशिया भी मजबूती से खड़ा है। इंडोनेशियाई अधिकारियों ने बुधवार आतंकवाद के खिलाफ भारत की इस नीति का समर्थन किया। इंडोनेशिया का यह समर्थन तब आया जब जद (यू) सांसद संजय कुमार झा के नेतृत्व में भारत का एक सर्वदलीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान की आतंकी करतूतों के खिलाफ देश का रुख बताने दुनिया के विभिन्न देशों की यात्रा के क्रम में यहां पहुंचा है। 

जकार्ता स्थित भारतीय दूतावास ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने अंतर-संसदीय सहयोग समिति के उपाध्यक्ष मुहम्मद हुसैन फदलुल्लाह और इंडोनेशिया-भारत संसदीय मैत्री समूह के अध्यक्ष मुहम्मद रोफिकी से मुलाकात की तथा उन्हें आतंकवाद के खिलाफ भारत की मजबूत प्रतिबद्धता के बारे में जागरूक किया। इंडोनेशिया ने कहा कि वे आतंकवाद की कड़ी निंदा करते हैं, क्योंकि यह मानवता के खिलाफ है। इंडोनेशिया ने आतंकवाद के खिलाफ भारत के रुख का पूर्ण समर्थन किया। 

इंडोनेशिया भारत के साथ

इंडोनेशिया ने कहा कि उसका समर्थन आतंकवाद को ‘कतई बर्दाश्त न करने’ की भारत की नीति के साथ है। इंडोनेशिया ने यह बयान  ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर भारत की कूटनीतिक पहुंच के हिस्से के रूप में एक संसदीय प्रतिनिधिमंडल के जकार्ता पहुंचने पर कहा। वहीं दूतावास ने लिखा, ‘‘भारत सभी तरह के आतंकवाद से लड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। इस पहल के माध्यम से भारत अपने ऐतिहासिक मित्र और व्यापक रणनीतिक साझेदार जकार्ता से समझ एवं समर्थन प्राप्त करना चाहता है।’’

ये नेता रहे प्रतिनिधिमंडल में साथ

झा के अलावा, प्रतिनिधिमंडल में सांसद अपराजिता सारंगी (भाजपा), अभिषेक बनर्जी (तृणमूल कांग्रेस), बृजलाल (भाजपा), जॉन ब्रिटास (माकपा), प्रदान बरुआ (भाजपा), हेमांग जोशी (भाजपा), पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद और फ्रांस तथा बहरीन में भारत के राजदूत रह चुके मोहन कुमार शामिल हैं। यह प्रतिनिधिमंडल उन सात बहुपक्षीय प्रतिनिधिमंडलों में से एक है जिन्हें भारत ने 33 वैश्विक राजधानियों का दौरा करने का काम सौंपा है ताकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय तक पहुंच बनाई जा सके और पाकिस्तान के आतंकवाद से संबंधों पर जोर दिया जा सके तथा यह बताया जा सके कि हालिया संघर्ष पहलगाम आतंकवादी हमले के कारण शुरू हुआ था, न कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के कारण। (भाषा)

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