मिडिल-ईस्ट में जारी तनाव के बीच एक अच्छी खबर आई है कि ईरान और ओमान, होर्मुज में प्रवेश और निकास के रास्ते पर राजी हो गए हैं। शिन्हुआ न्यूज के मुताबिक, ईरानी अफसरों ने बीते शनिवार को बताया कि ईरान और ओमान Strait of Hormuz के लिए नए एंट्री और एग्जिट रूट पर सहमत हो गए हैं। ईरानी अधिकारियों ने ये भी बताया कि वे आगामी सोमवार को मस्कट में होने वाली एक रीजनल मीटिंग में खाड़ी देशों को अपनी बातचीत के रिजल्ट के बारे में जानकारी साझा करेंगे।
मस्कट की बैठक में दी जाएगी नए रूट की जानकारी
बता दें कि यह घटनाक्रम वेस्ट एशिया में बढ़ती टेंशन के बीच हुआ है, जहां यह रणनीतिक जलमार्ग अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय ध्यान का मुख्य केंद्र बना हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, ईरान और ओमान बातचीत के बाद नए रूट्स पर राजी हो गए हैं और इसकी जानकारी मस्कट में होने वाली रीजनल बैठक में गल्फ कंट्रीज के सामने रखी जाएगी।
हाल ही में ईरान ने की थी Restricted Entry Area की बात
हालांकि, इससे पहले पिछले हफ्ते ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के नए चीफ मोहसिन रेजाई ने कहा कि ईरान, होर्मुज स्ट्रेट के बाहर एक 'Restricted Entry Area' घोषित करने की प्लानिंग कर रहा है। Restricted Entry Area का मकसद उन जहाजों को रोकना या उन पर नजर रखना होगा, जिनके बारे में ईरान को शक है कि वे होर्मुज स्ट्रेट से होकर गुजरने का प्रयास कर रहे हैं।
अमेरिका के ईरान के तेल टैंकरों पर किया हमला
गौरतलब है कि हाल ही में अमेरिका ने ईरानी तेल टैंकरों पर अटैक भी किया था। यह जवाबी एक्शन ईरान की तरफ से अमेरिकी युद्धपोतों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागे जाने के बाद हुआ था। एक्सपर्ट्स ने इन मिसाइल अटैक्स को टेंशन बढ़ाने वाला खतरनाक कदम बताया था।
Restricted Entry Area के जरिए कैसे रोकेगा ईरान?
इससे पहले, होर्मुज स्ट्रेट में ईरान के हमलों का निशाना कमर्शियल शिप रहे थे। मोहसिन रेजाई ने कहा था कि Restricted Entry Area का ऐलान आने वाले दिनों में किया जा सकता है। उन्होंने कहा, 'Restricted Entry Area अमेरिकन नेवी नाकाबंदी की सरहद से शुरू होगा, होर्मुज की तरफ बढ़ेगा और इस ओर से फारस की खाड़ी तक फैलेगा। जो भी शिप, होर्मुज से गुजरने के इरादे से इस Restricted Entry Area में एंट्री करेगा और जिसकी पहचान हो जाएगी, उसे हमारी प्रतिबंध सूची में डाल दिया जाएगा।'
(इनपुट- ANI/भाषा)