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ईरान ने अमेरिका को भेजीं 7 शर्तें, कहा- नहीं मानीं तो 'निर्णायक युद्ध' के लिए हैं तैयार!

 Written By: Malaika Imam
 Published : Sep 20, 2026 08:23 am IST,  Updated : Sep 20, 2026 08:38 am IST

ईरान ने अमेरिका के साथ फिर से बातचीत शुरू करने के लिए 7 शर्तें रखी हैं। मोहसिन रेजाई के मुताबिक, कतर ने ये शर्तें अमेरिका तक पहुंचा दी हैं और अब तेहरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के जवाब का इंतजार कर रहा है।

US President Donald Trump and Iran's Supreme Leader Ayatollah Mojtaba Khamenei- India TV Hindi
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला मुज्तबा खामेनेई Image Source : FILE (AFP)

ईरान ने अमेरिका के साथ युद्ध खत्म करने के लिए बातचीत दोबारा शुरू करने की दिशा में अपनी शर्तें सामने रखी हैं। ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसिन रेजाई के मुताबिक, कतर ने तेहरान की शर्तों को अमेरिका तक पहुंचा दिया है और अब ईरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के जवाब का इंतजार कर रहा है।

रेजाई ने बातचीत में कहा कि ईरान की प्रमुख मांगों में सभी मोर्चों पर युद्ध समाप्त करना, विदेशों में जमा ईरानी धन को जारी करना और नौसैनिक नाकाबंदी खत्म करना शामिल है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर यह भी कहा कि ईरान ने अमेरिका के साथ किसी भी बातचीत की शुरुआत के लिए कुल 7 शर्तें रखी हैं।

ट्रंप के जवाब का इंतजार

रेजाई के अनुसार, कतर मध्यस्थ के तौर पर ईरान और अमेरिका के बीच संपर्क बनाए हुए है। उन्होंने कहा कि तेहरान का संदेश स्पष्ट है और अगर वॉशिंगटन मौजूदा संकट से बाहर निकलना चाहता है, तो उसे ईरान के अधिकारों और शर्तों को स्वीकार करना होगा।

ईरानी अधिकारी ने अमेरिका की ओर से किसी संभावित सैन्य कार्रवाई की संभावना को भी खारिज नहीं किया। उन्होंने कहा कि ईरान के सैन्य आकलन के अनुसार, अमेरिकी हमला फिर से होने की संभावना बनी हुई है और तेहरान ने ऐसी स्थिति से निपटने के लिए अपनी सैन्य योजनाओं में बदलाव किया है।

"निर्णायक युद्ध के लिए तैयार"

मोहसिन रेजाई ने अमेरिका की धमकियों को अप्रभावी बताते हुए कहा कि ईरान निर्णायक युद्ध के लिए तैयार है। उन्होंने दावा किया कि ईरान की मौजूदा सैन्य योजना का विशेष ध्यान खाड़ी से लेकर ओमान की खाड़ी और अरब सागर तक तैनात अमेरिकी नौसैनिक संसाधनों पर है।

उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान ने हाल में एक बहु-वारहेड एंटी-शिप मिसाइल का परीक्षण किया, जो एक अमेरिकी जहाज या विमानवाहक पोत के आस-पास किया गया था। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि का उल्लेख इन रिपोर्टों में नहीं किया गया है।

रेजाई ने चेतावनी दी कि भविष्य में ईरान पर हमला हुआ तो उसकी प्रतिक्रिया व्यापक हो सकती है। उनके मुताबिक, इसमें क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकाने और स्थानीय स्तर पर काम कर रही अमेरिकी वाणिज्यिक कंपनियां भी निशाने पर आ सकती हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, कतर और पाकिस्तान तेहरान और वॉशिंगटन के बीच बातचीत को दोबारा शुरू कराने के प्रयासों में जुटे हैं। क्षेत्र के अन्य देश भी संघर्ष समाप्त करने के लिए कूटनीतिक प्रयास कर रहे हैं। रेजाई ने कहा कि व्यावहारिक रूप से युद्ध अभी जारी है, लेकिन ईरान संघर्ष को जल्द से जल्द समाप्त करने की रणनीति पर काम कर रहा है।

परमाणु कार्यक्रम पर ईरान का रुख

ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर भी रेजाई ने अपना रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि ईरान ने अभी परमाणु अप्रसार संधि (NPT) से बाहर निकलने का फैसला नहीं किया है। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि अमेरिका की कार्रवाई ईरान को ऐसा कदम उठाने की दिशा में धकेल सकती है।

रेजाई ने कहा कि ईरान की परमाणु नीति में कोई बदलाव नहीं हुआ है और देश उस धार्मिक आदेश का पालन करता है, जिसमें परमाणु हथियार विकसित करने पर रोक है।

बाब-अल-मंदेब और होर्मुज पर क्या कहा?

रेजाई ने बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य को बंद करने की संभावना से इनकार करते हुए कहा कि यह यमन और हूती आंदोलन से जुड़ा मामला है। वहीं, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर उन्होंने कहा कि ईरान और ओमान किसी समझौते की घोषणा के करीब पहुंच गए थे, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में इसे रोक दिया गया। उनके अनुसार, समझौते का ढांचा अभी भी तैयार है, हालांकि इसे सार्वजनिक करने से पहले क्षेत्र के अन्य देशों की मंजूरी की जरूरत पड़ सकती है।

ईरानी प्रतिनिधिमंडल को UNGA के लिए अमेरिकी वीजा

इस बीच, अनादोलु समाचार एजेंसी के मुताबिक, अमेरिकी विदेश विभाग ने ईरानी प्रतिनिधिमंडल को संयुक्त राष्ट्र महासभा के हाई-लेवल वीक में शामिल होने के लिए वीजा जारी किया है। यह कार्यक्रम 18 से 28 सितंबर तक न्यूयॉर्क में निर्धारित है।

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