Israel US Iran War: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के एनर्जी प्लांटों पर हमलों को 10 दिनों के लिए रोकने की घोषणा की है। ट्रंप की ओर से किए गए इस ऐलान के बाद ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने भी प्रतिक्रिया दी है। गालिबाफ ने ईरान की सेनाओं की सराहना करते हुए कहा कि उनके बलिदानों ने ऐतिहासिक जीत का रास्ता साफ कर दिया है। 64 साल के गालिबाफ को राष्ट्रपति का बेहद करीबी माना जाता है।
'ईरान को कोई नहीं दे सकता अल्टीमेटम'
मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, "ईरान राष्ट्र के नायकों! सड़कों पर आपकी 25 रातों की मौजूदगी और सशस्त्र बलों के बलिदानों ने प्यारे ईरान के लिए एक ऐतिहासिक जीत के हालात पैदा कर दिए हैं।" उन्होंने कहा, "कोई भी ईरान और ईरानी लोगों को अल्टीमेटम नहीं दे सकता। आपके बच्चे जीत के तक इस अवसर को हाथ से नहीं जाने देंगे।"
जारी हैं इजरायल के हमले
फिलहाल, इजरायल की ओर से ईरान पर हमले जारी हैं। इजरायली रक्षा बल ने तेहरान में बड़े पैमाने पर हमले किए हैं। जंग में हजारों लोगों की जान जा चुकी है, यह पड़ोसी देशों तक फैल चुकी है और बढ़ती एनर्जी कीमतों के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था को भी नुकसान पहुंचा है। ईरान के उप स्वास्थ्य मंत्री अली जाफरियन के अनुसार, 28 फरवरी को जंग शुरू होने के बाद से ईरान में मरने वालों की कुल संख्या अब कम से कम 1,937 हो गई है।
कब शुरू हुई जंग?
जंग 28 फरवरी 2026 को शुरू हुई थी। अमेरिका और इजरायल ने संयुक्त रूप से ईरान पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए थे। इन हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई सहित कई वरिष्ठ सैन्य और सुरक्षा अधिकारी मारे गए थे। अमेरिका और इजरायल का मुख्य उद्देश्य ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह नष्ट करना, उसकी बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता को खत्म करना और शासन को कमजोर या उखाड़ फेंकना है।
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