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पेरिस में G7 समिट के दौरान फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों से मिले जयशंकर, वैश्विक ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा संकट का उठाया मुद्दा

 Edited By: Dharmendra Kumar Mishra
 Published : Mar 28, 2026 05:23 pm IST,  Updated : Mar 28, 2026 05:23 pm IST

विदेश मंत्री जयशंकर ने पेरिस के जी7 शिखर सम्मेलन से इतर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो समेत सऊदी अरब और यूक्रेन के विदेश मंत्रियों के साथ भी मुलाकात और वार्ता की।

पेरिस में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को साथ द्विपक्षीय वार्ता करते एस जयशंकर। - India TV Hindi
पेरिस में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को साथ द्विपक्षीय वार्ता करते एस जयशंकर। Image Source : PTI

पेरिस: भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने यहां G7 विदेश मंत्रियों के शिखर सम्मेलन के मौके पर फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने वैश्विक ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा संकट पर प्रमुख रूप से चर्चा की। विदेश मंत्री ने शुक्रवारर से फ्रांस के औपचारिक दौरे पर हैं। जयशंकर ने शनिवार को सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, "कल रात फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों  से मुलाकात करना सम्मान की बात थी।" विदेश मंत्री ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गर्मजोशी भरी शुभकामनाएं पहुंचाईं।

ग्लोबल साउथ में ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा की चिंताओं पर दिया जोर

जयशंकर ने आगे कहा, "चर्चा और उनके कई अंतर्दृष्टिपूर्ण विचारों को मैं बहुत महत्व देता हूं। बता दें कि जयशंकर G7 विदेश मंत्रियों की दो दिवसीय बैठक में भाग लेने के लिए गुरुवार को फ्रांस के अब्बाये दे वो-डे-सेर्ने पहुंचे थे। भारत G7 का सदस्य नहीं है, लेकिन वर्तमान चेयर फ्रांस ने इसे पार्टनर देश के रूप में आमंत्रित किया है। फ्रांस में G7 विदेश मंत्रियों की बैठक को गुरुवार को संबोधित करते हुए जयशंकर ने ग्लोबल साउथ देशों की ऊर्जा, खाद्य और ईंधन सुरक्षा को लेकर चिंताओं को उठाया और वैश्विक शासन व्यवस्था में सुधार की तत्काल जरूरत पर जोर दिया। 

 

अमेरिका, सऊदी अरब, जर्मनी और यूक्रेन के विदेश मंत्रियों से भी मुलाकात

विदेश मंत्री ने इस दौरान ईरान युद्ध के चलते पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष से उत्पन्न अनिश्चितताओं के पृष्ठभूमि में लचीले व्यापार गलियारों और सप्लाई चेन के महत्व पर भी बात की। G7 बैठक के इतर जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, सऊदी अरब के विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान, जर्मन विदेश मंत्री जोहान वाडेफुल और यूक्रेनी विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा से अलग-अलग बातचीत की। यह समझा जाता है कि इन बातचीत में पश्चिम एशिया संकट प्रमुखता से शामिल रहा। जयशंकर ने कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद, दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री चो ह्यून, इटली के विदेश मंत्री एंटोनियो ताजानी, जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी और ब्राजील के विदेश मंत्री मौरो विएरा से भी मुलाकात की।

भारत था जी7 का आमंत्रित सदस्य

समूह सात (G7) दुनिया की सात सबसे विकसित अर्थव्यवस्थाओं को एक मंच प्रदान करता है: कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका। यूरोपीय संघ भी इस ब्लॉक का सदस्य है। भारत के अलावा फ्रांस ने सऊदी अरब, दक्षिण कोरिया और ब्राजील को भी आमंत्रित किया है। G7 अपने सदस्यों के लिए प्रमुख आर्थिक, वित्तीय और भू-राजनीतिक चुनौतियों पर चर्चा करने और समन्वित कार्रवाई करने का पसंदीदा मंच है।

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