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रूस से जारी रहेगी तेल खरीद? 1.4 अरब भारतीयों की एनर्जी सिक्योरिटी सरकार की प्राथमिकता; जानें MEA ने और क्या कहा

 Published : Feb 05, 2026 03:54 pm IST,  Updated : Feb 05, 2026 03:59 pm IST

रूस से तेल खरीद बंद करने के सवाल पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने भारत के पक्ष स्पष्ट कर दिया है। जायसवाल ने कहा है कि 1.4 अरब भारतीयों की ऊर्जा सुरक्षा सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।

MEA Spokesperson Randhir Jaiswal - India TV Hindi
MEA Spokesperson Randhir Jaiswal Image Source : PTI

नई दिल्ली: भारत सरकार ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि देश की ऊर्जा सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है, खासकर जब बात 1.4 अरब भारतीयों की ऊर्जा जरूरतों की हो। विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता ने रूस से तेल आयात के सवाल पर जवाब देते हुए कहा कि वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता के बीच भारत अपने नागरिकों के हितों को पहले रखेगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रूस-यूक्रेन संघर्ष के कारण ऊर्जा आपूर्ति पर बहस छिड़ी हुई है। MEA ने जोर देकर कहा कि भारत की नीति संतुलित और स्वतंत्र है, जो किसी एक देश पर निर्भर नहीं है।

एनर्जी सिक्योरिटी है सबसे बड़ी प्राथमिकता

MEA के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "भारत की ऊर्जा सुरक्षा 1.4 अरब लोगों की जरूरतों पर आधारित है। सरकार ने कई मौकों पर सार्वजनिक रूप से कहा है कि 1.4 अरब भारतीयों की एनर्जी सिक्योरिटी सुनिश्चित करना हमारी सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। ऑब्जेक्टिव मार्केट की स्थितियों और बदलते अंतरराष्ट्रीय माहौल के हिसाब से अपने एनर्जी सोर्स को डाइवर्सिफाई करना इसे सुनिश्चित करने की हमारी रणनीति का मुख्य हिस्सा है। भारत के सभी फैसले इसी बात को ध्यान में रखकर लिए गए हैं और लिए जाएंगे।"

​​'वेनेजुएला लंबे समय से रहा है पार्टनर'

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, "जहां तक ​​वेनेजुएला की बात है, यह ऊर्जा के क्षेत्र में व्यापार और निवेश दोनों तरफ से हमारा लंबे समय से पार्टनर रहा है। हम 2019-20 तक वेनेजुएला से ऊर्जा और कच्चा तेल आयात कर रहे थे, जिसके बाद हमें इसे रोकना पड़ा। फिर, हमने 2023-24 में वेनेजुएला से तेल खरीदना शुरू किया, लेकिन प्रतिबंध फिर से लगने के बाद इसे रोकना पड़ा। ऊर्जा सुरक्षा के प्रति हमारे नजरिए के मुताबिक, भारत वेनेजुएला सहित किसी भी कच्चे तेल की सप्लाई के कमर्शियल फायदों को देखने के लिए तैयार है।"

बाहरी दबाव से प्रभावित नहीं होगी ऊर्जा नीति 

जायसवाल ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों का सम्मान करता है, लेकिन अपनी ऊर्जा नीति को किसी बाहरी दबाव से प्रभावित नहीं होने देगा। आंकड़ों के अनुसार, 2022 से अब तक रूस भारत का सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता बन गया है, जो कुल आयात का लगभग 40 फीसदी हिस्सा प्रदान करता है। इससे पहले, भारत मुख्य रूप से मध्य पूर्वी देशों जैसे सऊदी अरब और इराक पर निर्भर था। 

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