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ईरान पर हमला करने के बाद नेतन्याहू का पहला बयान, कहा- 'अपना भाग्य खुद तय करेंगे ईरानी'

 Published : Feb 28, 2026 04:01 pm IST,  Updated : Feb 28, 2026 04:03 pm IST

इजरायल और अमेरिका ने ईरान पर संयुक्त सैन्य हमला शुरू किया है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इसे देश की सुरक्षा के लिए आवश्यक बताया है और ईरानी लोगों से अपने भाग्य तय करने की अपील की है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की सेना को हथियार डालने या निश्चित मौत की चेतावनी दी है।

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बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान हमले पर अपना पहला बयान दिया है। Image Source : AP

तेल अवीव: इजरायल और अमेरिका ने मिलकर ईरान पर एक बड़ा सैन्य हमला शुरू किया है जिसके बाद मध्य पूर्व में तनाव बढ़ गया है। दोनों देशों का कहना है कि यह हमला ईरान की तरफ से आने वाले बड़े खतरे को रोकने के लिए है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने देश को संबोधित करते हुए इसे देश की रक्षा के लिए उठाया गया रणनीतिक कदम बताया। नेतन्याहू ने जंग शुरू करने के बाद पहली बार लोगों को संबोधित करते हुए कहा, 'मेरे भाइयों और बहनों, इजरायल के नागरिकों, अभी एक घंटे पहले इजरायल और अमेरिका ने ईरान के आतंकवादी शासन से आने वाले बड़े खतरे को खत्म करने के लिए एक ऑपरेशन शुरू किया है।'

'ईरान के बहादुर लोग अपना भाग्य खुद तय करेंगे'

नेतन्याहू ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का शुक्रिया अदा किया और उनकी अगुवाई को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा, 'मैं अपने महान दोस्त, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का उनकी ऐतिहासिक अगुवाई के लिए शुक्रिया अदा करता हूं। 47 साल से अयातुल्लाह शासन 'इजरायल की मौत' और 'अमेरिका की मौत' का नारा लगाता रहा है। इसने हमारे खून बहाया है, कई अमेरिकियों को मारा है और अपने ही लोगों का कत्ल किया है। इस हत्यारे आतंकवादी शासन को परमाणु हथियार नहीं मिलने चाहिए, जो पूरी मानवता को खतरे में डाल सकते हैं। हमारा यह संयुक्त कदम बहादुर ईरानी लोगों को अपना भाग्य खुद तय करने का मौका देगा।'

कार्रवाई को 'ऑपरेशन रोरिंग लायन' नाम दिया

नेतन्याहू ने ईरान के लोगों से अपील की कि वे इस्लामी शासन के खिलाफ उठ खड़े हों। उन्होंने कहा, 'अब समय आ गया है कि ईरान के सभी वर्ग फारसी, कुर्द, अजरबैजानी, बलोच और अहवाज़ी अत्याचार की जंजीरों से मुक्त होकर एक स्वतंत्र और शांति चाहने वाला ईरान बनाएं।' इससे पहले, इजरायल की सेना ने इस हमले को 'ऑपरेशन रोरिंग लायन' नाम दिया और कहा कि इसका मकसद इजरायल को खतरे से बचाना है। IDF ने कहा, 'इजरायल और अमेरिका की सेना ने ईरानी आतंकवादी शासन को पूरी तरह कमजोर करने और इजरायल से आने वाले बड़े खतरों को समय के साथ खत्म करने के लिए एक बड़ा और संयुक्त ऑपरेशन शुरू किया है।'

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी सेना को दी थी चेतावनी

इससे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी सेना को चेतावनी दी कि वे हथियार डाल दें और सरेंडर कर दें, तो उन्हें पूरी छूट मिलेगी, वरना 'निश्चित मौत' का सामना करना पड़ेगा। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर प्रसारित संबोधन में कहा कि यह ऑपरेशन ईरान के परमाणु और सैन्य ठिकानों पर है। ट्रंप ने कहा, 'इस्लामी रिवोल्यूशनरी गार्ड के सदस्यों, सशस्त्र सेनाओं और सभी पुलिस को मैं आज रात कहता हूं कि आपको अपने हथियार डालने चाहिए और पूरी छूट मिलेगी, या फिर वैकल्पिक रूप से निश्चित मौत का सामना करना पड़ेगा। इसलिए, हथियार डाल दो, तुम्हें निष्पक्ष तरीके से और पूरी छूट के साथ व्यवहार किया जाएगा, या तुम निश्चित मौत का सामना करोगे।'

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