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'अर्थव्यवस्था, मंहगाई और व्यापार', जानिए ईरान-इजरायल युद्ध का भारत पर क्या-क्या पड़ सकता है असर?

 Published : Feb 28, 2026 02:23 pm IST,  Updated : Feb 28, 2026 02:48 pm IST

ईरान और इजरायल के बीच युद्ध शुरू हो गया है। दोनों ओर से बैलिस्टिक मिसाइलें दागी जा रही हैं। इन दोनों देशों के युद्ध में अमेरिका भी कूद गया है। जानिए इस युद्ध का भारत पर क्या असर पड़ सकता है?

खामेनेई, पीएम मोदी और नेतन्याहू- India TV Hindi
खामेनेई, पीएम मोदी और नेतन्याहू Image Source : AP AND PTI

इजरायल और अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए संयुक्त हवाई हमलों ने मध्य पूर्व में तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है। इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने इसे 'प्री-एम्प्टिव अटैक' बताया है, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 'मेजर कॉम्बैट ऑपरेशंस' की घोषणा की। तेहरान, कोम, इस्फहान समेत कई शहरों में विस्फोटों की खबरें हैं। ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है। ईरान ने इजरायल पर 30 से अधिक बैलिस्टिक मिसाइलें दाग दी हैं। इस बीच, विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह युद्ध बढ़ा तो भारत की अर्थव्यवस्था, ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार और रणनीतिक हितों पर गहरा प्रभाव पड़ सकता है। 

कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल की आशंका

भारत अपनी 80-85% तेल जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर है। इनमें खाड़ी क्षेत्र (सऊदी अरब, इराक, यूएई) से आने वाला हिस्सा बड़ा है। होर्मुज जलडमरूमध्य से रोजाना लाखों बैरल तेल गुजरता है, जो वैश्विक तेल व्यापार का महत्वपूर्ण हिस्सा है। अगर ईरान ने जवाब में इस मार्ग को प्रभावित किया, तो आपूर्ति बाधित हो सकती है। ब्रेंट क्रूड की कीमतें पहले से ही करीब 67 डॉलर के आसपास पहुंच चुकी हैं। वहीं, आज हुए ताजा हमलों अतिरिक्त बढ़ोतरी की आशंका है। अगर ये युद्ध लंबा खिंचता है तो पेट्रोल-डीजल, एलपीजी और परिवहन लागत में वृद्धि हो सकती है। 

ग्रामीण और मध्यम वर्ग पर पड़ सकता है बोझ

इससे आने वाले दिनों में महंगाई बढ़ सकती है, खासकर ग्रामीण और मध्यम वर्ग पर बोझ पड़ेगा। उद्योग जगत, एयरलाइंस और आम उपभोक्ता प्रभावित होंगे। सरकार पहले से रूस से आयात बढ़ा रही है। लेकिन लंबे समय के युद्ध में चुनौतियां बढ़ सकती हैं।

शेयर बाजार और व्यापार पर दबाव की आशंका

आज के हमलों से भारतीय शेयर बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है। सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट की आशंका है, क्योंकि वैश्विक अनिश्चितता से निवेशक सतर्क हो जाते हैं। लाल सागर और होर्मुज के रास्तों में बाधा से जहाजों को लंबे रूट (केप ऑफ गुड होप) से जाना पड़ सकता है, जिससे शिपिंग लागत भी बढ़ जाएगी। भारत का निर्यात (बासमती चावल, दवाएं, कपड़ा) महंगा हो सकता है। ईरान से दालें, ड्राई फ्रूट्स और उर्वरक आयात प्रभावित हो सकता है, जो पहले से ही घट चुका है। 

भारत ने जारी की एडवायजरी 

भारत-इजरायल के मजबूत रक्षा और तकनीकी संबंध हैं। भारत ने इजरायल में रहने वाले अपने नागरिकों के लिए एडवायजरी जारी की है, जिसमें 'अत्यधिक सावधानी' बरतने और 'हमेशा सतर्क रहने' की सलाह दी गई है। खाड़ी देशों में काम करने वाले लाखों भारतीयों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। उन्हें भारत वापस लाने के लिए ऑपरेशन चलाया जा सकता है।

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