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आखिर क्या चाहता है उत्तर कोरिया? Iran-US जंग के बीच लगातार दूसरे दिन दागी क्लस्टर मुनिशन्स मिसाइल

 Edited By: Dharmendra Kumar Mishra
 Published : Apr 20, 2026 08:55 am IST,  Updated : Apr 20, 2026 08:55 am IST

उत्तर कोरिया ने ईरान-अमेरिका जंग के बीच लगातार दूसरे दिन क्लस्टर बम वार हेड वाली मिसाइल का परीक्षण करके दक्षिण कोरिया से लेकर जापान और अमेरिका के खेमे में खलबली मचा दी है।

उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन अपनी बेटी किम जू ए के साथ क्लस्टर मिसाइल टेस्ट को निहारते हुए। - India TV Hindi
उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन अपनी बेटी किम जू ए के साथ क्लस्टर मिसाइल टेस्ट को निहारते हुए। Image Source : AP

सियोल: ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर टूटने और दूसरी बार भीषण जंग शुरू होने की आहट के बीच उत्तर कोरिया पिछले 2 दिनों से लगातार खतरनाक बैलिस्टिक और क्लस्टर मिसाइलों का परीक्षण कर रहा है। रविवार के बाद उत्तर कोरिया ने सोमवार को लगातार दूसरे दिन मिसाइल टेस्ट किया। उत्तर कोरिया ने सोमवार क्लस्टर बम वारहेड वाली बैलिस्टिक मिसाइलें दागी। किम जोंग उन के प्रशासन ने दावा किया कि इस महीने दूसरी बार क्लस्टर बम वारहेड वाले बैलिस्टिक मिसाइलों का परीक्षण लॉन्च किया गया है। 

किम जोंग और उनकी बेटी कि जू ए रहे मौजूद

उत्तर कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (KCNA) की रिपोर्ट में कहा गया कि रविवार को उत्तर कोरिया के पूर्वी तट से कई बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च की गई, जिसे दक्षिण कोरिया, जापान और अमेरिका ने डिटेक्ट किया था। इसके अगले दिन यानी आज क्लस्टर बम वार हेड वाली मिसाइल दागी गई। KCNA की तस्वीरों में मिसाइल लांचिंग के दौरान उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन और उनकी किशोर बेटी किम जू ए दोनों काले चमड़े के जैकेट पहने मौजूद रहे। वह दोनों ध्यान से मिसाइल लॉन्च देखते दिख रहे हैं, जबकि प्रोजेक्टाइल पानी के ऊपर से गुजरते हुए भूरे धुएं का निशान छोड़ते आगे बढ़ रहा था।

जू ए को माना जा रहा किम जोंग की उत्तराधिकारी

दक्षिण कोरिया की खुफिया एजेंसी ने हाल ही में आकलन किया है कि किम जू ए नाम की उनकी यह बेटी किम की उत्तराधिकारी मानी जा सकती है। KCNA के अनुसार किम ने क्लस्टर बम वारहेड और फ्रैगमेंटेशन माइन वारहेड वाले पांच अपग्रेडेड सतह से सतह हवासोंग-11 रा बैलिस्टिक मिसाइलों के लॉन्च की निगरानी की। मिसाइलें एक द्वीप लक्ष्य को हिट करने में सफल रहीं और किम ने लॉन्च से संतुष्टि जताते हुए कहा कि "यह उच्च घनत्व वाली हमला क्षमता बढ़ाने के सैन्य अभियानों के लिए महत्वपूर्ण है।" 

इससे पहले किया था हवासोंग-11 क्लस्टर बम वारहेड मिसाइल का टेस्ट

इस महीने पहले हुए लॉन्च में उत्तर कोरिया ने हवासोंग-11 का क्लस्टर बम वारहेड वाले सतह से सतह बैलिस्टिक मिसाइलों का परीक्षण किया था, जिसके बारे में उसने कहा था कि "यह 6.5-7 हेक्टेयर (16 से 17.2 एकड़) क्षेत्र को राख में बदल सकता है।" उत्तर कोरिया पहले भी क्लस्टर बम वारहेड का परीक्षण कर चुका है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान युद्ध ने उत्तर कोरिया को प्रेरित किया होगा कि वह दिखाए कि उसके पास क्लस्टर मुनिशन्स हैं और बेहतर क्लस्टर हथियार विकसित करने के प्रयासों को तेज करे। क्लस्टर मुनिशन्स की विनाशक क्षमता चल रहे युद्ध में उजागर हुई है, जहां इजरायल ने ईरान पर ऐसे हथियारों का इस्तेमाल करके अपनी फैली हुई हवाई रक्षा को चुनौती देने का आरोप लगाया है। 

कितना घातक हैं क्लस्टर मिसाइलें

क्लस्टर बम वारहेड वाली मिसाइलें ऊंची ऊंचाई पर फटती हैं और बड़े क्षेत्र में दर्जनों छोटे-छोटे बमलेट बिखेर देती हैं, जिन्हें रोकना बहुत मुश्किल होता है। 120 से अधिक देशों ने क्लस्टर मुनिशन्स के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने वाली अंतरराष्ट्रीय संधि पर हस्ताक्षर किए हैं, लेकिन उत्तर कोरिया, ईरान, इजरायल और अमेरिका उनमें शामिल नहीं हैं। 2019 में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ किम की परमाणु कूटनीति विफल होने के बाद से उत्तर कोरिया अपना परमाणु शस्त्रागार बढ़ाने और अत्याधुनिक हथियार हासिल करने के प्रयास तेज कर रहा है। इनमें मल्टी-वारहेड न्यूक्लियर मिसाइलें, हाइपरसोनिक हथियार और पनडुब्बी से लॉन्च होने वाली बैलिस्टिक मिसाइलें शामिल हैं। 

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