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Padma Bridge: Bangladesh के सबसे लंबे पुल का शेख हसीना ने किया उद्घाटन, वर्ल्ड बैंक ने निर्माण से खींच लिए थे हाथ

 Edited By: Vineet Kumar Singh
 Published : Jun 25, 2022 04:18 pm IST,  Updated : Jun 25, 2022 04:18 pm IST

Padma Bridge: शेख हसीना ने कहा कि पद्मा पुल केवल ईंट और सीमेंट का ढेर नहीं, बल्कि बांग्लादेश के गौरव, उसकी क्षमता और शान का प्रतीक है।

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Padma Bridge. Image Source : AP

Highlights

  • इस पुल का निर्माण बांग्लादेश ने पूरी तरह अपने पैसे से किया है।
  • भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद वर्ल्ड बैंक इसके निर्माण से पीछे हट गया था।
  • माना जा रहा है कि इस पुल के निर्माण से बांग्लादेश की जीडीपी में बढ़ोत्तरी होगी।

Padma Bridge: बांग्लादेश की ‘क्षमता’ का लोहा मनवाते हुए प्रधानमंत्री शेख हसीना ने शनिवार को देश के सबसे लंबे पुल का उद्घाटन किया। खास बात यह है कि यह पुल का निर्माण पूरी तरह स्वदेशी पैसे से हुआ है। पहले इस पुल को वर्ल्ड बैंक के सहयोग से बनाया जाना था, लेकिन कथित भ्रष्टाचार की खबरें सामने आने के बाद वर्ल्ड बैंक ने इस प्रोजेक्ट से अपना हाथ खींच लिया था, जिसके बाद बाकी के डोनर्स भी पीछे हट गए। इस लिहाज से बांग्लादेश के लिए इस पुल का निर्माण बेहद चुनौतीपूर्ण था।

‘बांग्लादेश की क्षमता और शान का प्रतीक है यह पुल’

पुल के उद्घाटन के मौके पर शेख हसीना ने कहा कि पद्मा पुल केवल ईंट और सीमेंट का ढेर नहीं, बल्कि बांग्लादेश के गौरव, उसकी क्षमता और शान का प्रतीक है। पद्मा नदी पर बने इस पुल की लंबाई 6.15 किलोमीटर है और यह दक्षिण पश्चिमी बांग्लादेश को राजधानी ठाका समेत देश के अन्य भागों से जोड़ता है। इस मल्टिपरपज रोड-रेल ब्रिज के निर्माण का खर्च 360 करोड़ डॉलर (लगभग 28 हजार करोड़ रुपये) है, और यह पूरा खर्चा बांग्लादेश की सरकार ने उठाया है। शेख हसीना ने पद्मा पुल के निर्माण से जुड़े लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।

‘यह ईंट, लोहे और कंक्रीट का ढेर नहीं, हमारा गौरव है’
पुल के उद्घाटन के मौके पर हसीना ने कहा, ‘मुझे किसी से कोई शिकायत नहीं है लेकिन मुझे लगता है कि जिन्होंने पद्मा पुल की निर्माण योजना का विरोध किया और उसे ‘दिवास्वप्न’ बताया, उनके भीतर आत्मविश्वास की कमी थी। मुझे उम्मीद है कि यह पुल उनके अंदर विश्वास पैदा करेगा। यह पुल केवल ईंट, सीमेंट, लोहे और कंक्रीट का ढेर नहीं, यह पुल हमारा गौरव है, यह हमारी क्षमता, शक्ति और शान का प्रतीक है। यह पुल बांग्लादेश के लोगों का है।’ इस बीच, भारतीय उच्चायोग ने इस परियोजना के पूरा होने पर बांग्लादेश सरकार को बधाई दी है।

बांग्लादेश की जीडीपी में आएगा 1.2 फीसदी का उछाल
पुल की खासियतों की बात करें तो यह 6.241 किलोमीटर लंबा और 22.5 मीटर चौड़ा है। यह बांग्लादेश के साथ-साथ गंगा के निचले इलाके में निर्मित सबसे बड़ा पुल है। इस ब्रिज की उपरी मंजिल पर 4-लेन हाइवे है जबकि निचली मंजिल पर सिंगल ट्रैक रेलवे है। माना जा रहा है कि इस पुल के निर्माण से बांग्लादेश की जीडीपी में 1.2 फीसदी का उछाल आएगा।

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