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पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में पुरातात्विक खुदाई के दौरान 8 प्राचीन स्थलों का चला पता, मिले मंदिर के अवशेष

 Published : Nov 04, 2025 06:09 pm IST,  Updated : Nov 04, 2025 06:09 pm IST

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में पुरातात्विक खुदाई के दौरान इतिहास की परतें खुलकर सामने आई हैं। इटली के पुरातत्वविदों को यहां खुदाईक के दौरान एक छोटे मंदिर के अवशेष भी मिले हैं।

Pakistan Ancient Sites Discovered During Archaeological Excavations (Representational Image)- India TV Hindi
Pakistan Ancient Sites Discovered During Archaeological Excavations (Representational Image) Image Source : AP

Pakistan Ancient Sites Discovered: पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में स्वात से तक्षशिला तक फैले क्षेत्र में चल रही पुरातात्विक खुदाई के दौरान 8 प्राचीन स्थलों का पता चला है। प्राचीन स्थलों के बारे में मिली प्रारंभिक जानकारी को बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। इटली के पुरातत्वविदों ने खैबर पख्तूनख्वा पुरातत्व निदेशालय के सहयोग से इन प्राचीन स्थलों का पता लगाया है। स्वात के बारिकोट में लगभग 1,200 साल पुराने एक छोटे मंदिर के अवशेष भी मिले हैं। मंदिर के अवशेष इस क्षेत्र की सांस्कृतिक और सभ्यतागत विरासत का दुर्लभ प्रमाण है। 

खुदाई क्षेत्र का किया गया विस्तार

इतालवी पुरातत्व मिशन के निदेशक डॉ लुका ने बताया कि बारिकोट (प्राचीन बजीरा) में खुदाई के दौरान छोटे मंदिर के अवशेष मिले हैं। उन्होंने बताया कि मंदिर और आसपास की पुरातात्विक परतों के चारों ओर एक सुरक्षात्मक ‘बफर जोन’ स्थापित करने के लिए खुदाई क्षेत्र का विस्तार स्वात नदी की ओर कर दिया गया है। 

क्या है योजना का नाम?

‘खैबर पथ परियोजना’ नाम की इस 3 वर्षीय पहल के तहत, 400 से अधिक स्थानीय श्रमिकों को खुदाई, संरक्षण और विरासत प्रबंधन में व्यावहारिक प्रशिक्षण के साथ-साथ रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे। एक जून से शुरू हुई इस परियोजना का उद्देश्य प्रांत में क्षेत्रीय विकास, व्यावसायिक क्षमता निर्माण और पर्यटन को बढ़ावा देना है। इनमें से कई स्थानों पर खुदाई का काम पहले ही शुरू हो चुका है। 

जानें चौंकाने वाली बातें

प्रारंभिक अध्ययनों से संकेत मिलता है कि इन स्थलों पर प्रागैतिहासिक काल से लेकर इस्लामी काल तक लगातार लोग रहते थे। इनमें से एक प्रमुख खोज एक किला है जिसके बारे में माना जाता है कि यह गजनवी काल का है। इतालवी पुरातत्वविदों ने स्थानीय अधिकारियों के सहयोग से अब तक खैबर पख्तूनख्वा में 50 से अधिक पुरातात्विक स्थलों की खोज की है। ये खोजें पाषाण युग से लेकर सिकंदर महान, बौद्ध धर्म, हिंदू शाही राजवंश, यूनानी युग और प्रारंभिक इस्लामी काल तक फैली हुई हैं, जो इस क्षेत्र में मानव सभ्यता की उल्लेखनीय निरंतरता को दर्शाती हैं। (भाषा)

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