इस्लामाबाद: पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर शनिवार को एक और हवाई हमला किया है। इस हमले में दर्जनों तालिबानी लड़ाकों को मार गिराने का दावा किया गया है। पाकिस्तान के अनुसार आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाकर ये हवाई हमले किए हैं। इस हमले के बाद पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच दोहा में होने वाली वार्ता और संघर्ष विराम पर संकट पैदा हो गया है। समाचार पत्र ‘डॉन’ की रिपोर्ट के अनुसार ये हमले उत्तरी वजीरिस्तान के एक सैन्य प्रतिष्ठान पर आतंकवादियों के हमले के बाद और दो दिवसीय संघर्ष विराम बढ़ाए जाने के कुछ ही घंटों बाद हुए। पाकिस्तानी सेना की ओर से अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
तालिबान के हमले से बौखलाया था पाक
पाकिस्तान ने ये हमले तालिबानी हमलों के जवाब में करने का दावा किया है। तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के हाफिज गुल बहादुर समूह ने शुक्रवार तड़के मीर अली के खड्डी किले पर हुए हमले की जिम्मेदारी ली थी। सुरक्षा सूत्रों ने बताया कि उन्होंने इस हमले को नाकाम करते हुए सभी चार हमलावरों को मार गिराया है। अखबार के अनुसार सुरक्षा सूत्रों ने यह भी दावा किया है कि हाफिज गुल बहादुर समूह के ठिकानों पर पाकिस्तान ने सटीक हमले किए, जिनमें दर्जनों आतंकवादी मारे गए हैं।
शुक्रवार को भी पाक ने किया था काबुल पर हमला
इससे एक दिन पहले पाकिस्तान ने शुक्रवार देर रात को भी अंगूर अड्डा क्षेत्र और अफगानिस्तान के पक्तिका प्रांत के उरगुन और बरमल जिलों में हमला किया था। पाकिस्तान ने कहा था कि उसने आतंकवादियों के ठिकानों को निशाना बनाकर यह एयरस्ट्राइक की। पाकिस्तानी सुरक्षा सूत्रों ने यह स्पष्ट किया है कि अफगान सरकार और पाकिस्तान के बीच हुए संघर्ष विराम समझौते में आतंकवादी संगठनों और उनके ठिकानों पर हमले करने का कोई प्रावधान नहीं है। यह हमले ऐसे समय में हुए हैं जब दोनों देशों के प्रतिनिधि दोहा में बैठक करने वाले थे, जहां कतर सरकार मध्यस्थता कर रही है। ‘डॉन’ की रिपोर्ट के अनुसार, शुक्रवार रात हुए इन हमलों के बाद संघर्ष विराम और दोहा में प्रस्तावित वार्ता दोनों पर संकट का माहौल बन गया है।
संघर्ष विराम टूटने की आशंका
सुरक्षा से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि प्रारंभिक 48 घंटे के संघर्ष विराम के समाप्त होने पर पाकिस्तान और अफगानिस्तान ने कतर की मेजबानी में दोहा में होने वाली वार्ता तक इसे आपसी सहमति से बढ़ा दिया है। उम्मीद है कि यह वार्ता शनिवार को शुरू होगी। अफगानिस्तान से मिली जानकारी के मुताबिक तालिबान प्रतिनिधिमंडल में रक्षा मंत्री मुल्ला याकूब मुजाहिद और खुफिया प्रमुख मुल्ला वसीक शामिल होंगे। (भाषा)