इस्लामाबादः भारत के ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान नई दिल्ली के साथ वार्ता के लिए बेताब है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ इस कदर बेचैन हैं कि वह भारत से बातचीत करवाने के लिए विभिन्न देशों से सिफारिश लगा रहे हैं। अभी कुछ दिनों पहले शहबाज ने अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो से अपील की थी कि वह उनकी बात भारत से करवा दें। अब उन्होंने सऊदी अरब से भी ऐसी ही सिफारिश लगाई है।
शहबाज का बयान
भारत के साथ संबंधों को लेकर शहबाज शरीफ ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि उनका देश जम्मू-कश्मीर, जल विवाद, व्यापार और आतंकवाद सहित सभी लंबित मुद्दों पर "सार्थक वार्ता" करने के लिए तैयार है। उन्होंने यह बात सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के साथ मंगलवार को टेलीफोन पर हुई बातचीत के दौरान कही।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान पड़ा नरम
शहबाज और सऊदी अरब के क्राउन प्रिंच के बीच यह बातचीत ऐसे समय पर हुई है जब भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव को लगभग दो महीने हो चुके हैं। तनाव की शुरुआत 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद हुई थी, जिसमें 26 लोगों की जान चली गई थी। भारत ने इस हमले के जिम्मेदार पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठनों पर सर्जिकल स्ट्राइक कर दी थी। इसके बाद दोनों देशों के बीच संबंधों में तनाव और बढ़ गया।
अब पाकिस्तान कर रहा शांति की बात
‘रेडियो पाकिस्तान’ की रिपोर्ट के अनुसार प्रधानमंत्री शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान क्षेत्र में स्थायी शांति चाहता है और इसके लिए वह सभी प्रमुख मुद्दों पर बातचीत के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि "पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर, जल विवाद, व्यापार और आतंकवाद जैसे मुद्दों पर भारत के साथ सार्थक और गंभीर बातचीत करना चाहता है।" प्रधानमंत्री शरीफ और सऊदी क्राउन प्रिंस के बीच बातचीत का एक अन्य महत्वपूर्ण हिस्सा पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात थे। दोनों नेताओं ने इस क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने की आवश्यकता पर चर्चा की और आपसी सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति जताई।
भारत की प्रतिक्रिया: कड़ा रुख और सैन्य कार्रवाई
पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कई कड़े कदम उठाए। सबसे पहले भारत ने 1960 में हुए सिंधु जल संधि को एकतरफा रूप से स्थगित कर दिया, जो दोनों देशों के बीच जल बंटवारे का आधार रही है। इसके साथ ही भारत ने पाकिस्तान के साथ सभी व्यापारिक गतिविधियों को भी तत्काल प्रभाव से रोक दिया।
6-7 मई की रात किया ‘ऑपरेशन सिंदूर’
भारत ने 6-7 मई की रात को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया, जिसमें पाकिस्तानी सीमा के भीतर आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया। भारतीय सेना की यह कार्रवाई कई दिनों तक चली और इसमें कई आतंकी संगठनों के मुख्यालय तबाह कर दिए गए, जिसमें 100 से ज्यादा आतंकवादी मारे गए। भारत-पाकिस्तान के बीच यह सैन्य संघर्ष चार दिन तक चला, जो अंततः 10 मई को दोनों पक्षों के बीच सीमित सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति बनने के बाद शांत हुआ।
भारत की सख्ती से पाकिस्तान भयभीत
भारत की सर्जिकल और जल स्ट्राइक ने पाकिस्तान को भयभीत कर दिया है। इसीलिए पाकिस्तान अब भारत से अपने संबंधों को सुधारने की बात कर रहा है। बता दें कि भारत-पाकिस्तान के संबंध लंबे समय से जम्मू-कश्मीर और आतंकवाद के मुद्दों पर तनावपूर्ण रहे हैं। हालिया घटनाक्रमों ने एक बार फिर इन संबंधों को निचले स्तर पर पहुंचा दिया है। हालांकि, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री का यह ताजा बयान दोनों देशों के बीच संवाद की संभावनाओं को फिर से जीवित करता है।(भाषा)