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अनधिकृत व्यक्तियों तक पहुंच रहे पाकिस्तानी सेना के हथियार, बरामदगी से अधिकारी हैरान

 Edited By: Dharmendra Kumar Mishra
 Published : Jan 12, 2025 05:32 pm IST,  Updated : Jan 12, 2025 05:32 pm IST

पाकिस्तानी सेना के अधिकार अनधिकृत व्यक्तियों के पास पहुंचने से अधिकारियों में खलबली मच गई है। अब अधिकारी इस बात का पता लगाने में जुटे हैं कि किस जुगाड़ से अनधिकृत व्यक्तियों तक सेना के उन्नत हथियार पहुंच जा रहे हैं।

प्रतीकात्मक फोटो।- India TV Hindi
प्रतीकात्मक फोटो। Image Source : AP

कराची: पाकिस्तान  में अनधिकृत व्यक्तियों के पास सेना के हथियार बरामद होने से खलबली मच गई है। पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत के झोब जिले में संघीय लेवी बल के कम से कम 140 उन्नत हथियार और 1.4 लाख गोलियां अनधिकृत व्यक्तियों के कब्जे में पाई गई हैं। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। ‘संघीय लेवी बल’ पाकिस्तान का प्रांतीय अर्धसैनिक बल (जेंडरमेरी) है, जिसकी मुख्य भूमिका कानून का पालन सुनिश्चित करना, कानून-व्यवस्था बनाए रखने में नागरिक पुलिस की मदद करना और प्रांतीय स्तर पर आंतरिक सुरक्षा अभियानों का संचालन करना है।

पुलिस उपायुक्त की ओर से झोब के नगर थाने में दर्ज प्राथमिकी के मुताबिक, ये हथियार और गोलियां संघीय लेवी बल के लिए थे, लेकिन इन्हें अनधिकृत व्यक्तियों को वितरित कर दिया गया। पुलिस ने बताया कि मामले में संलिप्तता के आरोप में 69 लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए हैं, जिनमें सेवारत और सेवानिवृत्त लेवी बल के कर्मियों के साथ-साथ प्रभावशाली कबायली हस्तियां भी शामिल हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अब्दुल सबूर के अनुसार, अधिकारियों ने अभी तक क्लाश्निकोव राइफल और पिस्तौल सहित 44 हथियार व भारी संख्या में गोलियां बरामद की हैं। उन्होंने कहा, “अनधिकृत व्यक्तियों के पास मौजूद और हथियार व गोलियां बरामद करने के लिए जांच जारी है।

हथियार घोटाला को बताया जा रहा वजह

” सबूर के मुताबिक, ऐसी चिंताएं हैं कि इनमें से कुछ हथियार और गोलियां क्षेत्र में सक्रिय अलगाववादी समूहों के हाथ लग गए होंगे। उन्होंने बताया कि यह घोटाला इस सप्ताह की शुरुआत में तीन जिलों में बलूचिस्तान पुलिस के साथ लेवी बल की विलय प्रक्रिया के दौरान सामने आया। सबूर के अनुसार, अधिकारियों ने हथियार भंडार की जांच के दौरान पाया कि क्लाश्निकोव राइफल सहित 140 हथियार और 1,40,000 गोलियां गायब थीं, जिससे सुरक्षा चूक और हथियारों के संभावित दुरुपयोग के बारे में चिंताएं बढ़ गईं। बलूचिस्तान लंबे समय से अलगाववादियों के विद्रोह और आतंकवादी घटनाओं का सामना कर रहा है, जिससे यह घोटाला खासतौर पर चिंता का सबब बन गया है। संघीय लेवी बल बलूचिस्तान में आतंकवाद रोधी अभियानों में अहम भूमिका निभाते हैं। (भाषा)

 

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