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पीएम मोदी के घनिष्ठ मित्र की मुश्किल बढ़ी, नेतन्याहू के खिलाफ सड़क पर उतरे हजारों लोग

 Published : Jan 08, 2023 10:47 am IST,  Updated : Jan 08, 2023 10:47 am IST

People On The Road Against Israeli PM Netanyahu: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के घनिष्ठ मित्र और इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू की मुश्किलें बढ़ गई हैं। उनकी सरकार की नीतियों के खिलाफ इजरायल के हजारों लोग सड़क पर आ गए हैं और विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

इजरायल में विरोध प्रदर्शन करते लोग- India TV Hindi
इजरायल में विरोध प्रदर्शन करते लोग Image Source : AP

People On The Road Against Israeli PM Netanyahu: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के घनिष्ठ मित्र और इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू की मुश्किलें बढ़ गई हैं। उनकी सरकार की नीतियों के खिलाफ इजरायल के हजारों लोग सड़क पर आ गए हैं और विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि नेतन्याहू सरकार उनके हितों के खिलाफ फैसले ले रही है। आपको बता दें कि हाल ही में नेतन्याहू को दोबारा इजरायल का पीएम चुना गया है।

प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के नेतृत्व वाली इजराइल की नयी सरकार की नीतियों के खिलाफ हजारों लोग शनिवार को सड़कों पर उतर आए। विरोधियों का कहना है कि ये नीतियां लोकतंत्र के लिए खतरा हैं। देश के 74 साल के इतिहास में पहली बार गठित धुर दक्षिणपंथी और धार्मिक रूढ़िवादी सरकार के शपथ ग्रहण के कुछ दिन बाद प्रदर्शनकारी मध्य शहर तेल अवीव में जमा हुए। उन्होंने तख्ती थाम रखी थी, जिन पर लिखा था, ‘‘नयी सरकार हमारे खिलाफ है’’ और ‘‘आवास, आजीविका, आशा के खिलाफ काम कर रही है। कुछ प्रदर्शनकारियों के हाथों में सतरंगी झंडे थे। प्रदर्शन वाम धड़े और इजराइल की संसद नेसेट के अरब सदस्यों ने किया। उन्होंने आरोप लगाया कि नयी कैबिनेट के प्रस्तावित कदम न्याय तंत्र में अड़चन डालेंगे और सामाजिक दूरियां बढ़ाएंगे।

प्रदर्शनकारियों ने की कानून एवं न्याय मंत्री की आलोचना

वाम धड़े के प्रदर्शनकारियों ने इजरायल के कानून एवं न्याय मंत्री यारिव लेविन की आलोचना की, जिन्होंने बुधवार को न्यायिक प्रणाली में सुधार से संबंधित सरकारी योजना को अमलीजामा पहनाने का खाका पेश किया था। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि इस कदम का मकसद देश की सर्वोच्च न्यायालय को कमजोर करना है। आलोचकों ने सरकार पर न्याय प्रणाली के खिलाफ जंग छेड़ने का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे सरकार को असीम शक्तियां मिलेंगी और लोकतांत्रिक संस्थाएं कमजोर होंगी। यावने से एक प्रदर्शनकारी डैनी सिमोन (77) ने कहा, ‘‘हमें वाकई में डर है कि हमारा देश लोकतंत्र को खो देगा और हम केवल एक व्यक्ति की वजह से तानाशाही की ओर जा रहे हैं, जो अपने खिलाफ चलाए जा रहे मुकदमों से छुटकारा पाना चाहता है।

2021 में नेतन्याहू पर लगा था भ्रष्टाचार का आरोप
सिमोन का इशारा प्रधानमंत्री नेतन्याहू की तरफ था, जिन पर 2021 में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए थे। हालांकि, उन्होंने इन आरोपों का खंडन किया है। प्रदर्शनकारियों ने देश के यहूदी और अरब निवासियों के बीच शांति और सह-अस्तित्व का भी आह्वान किया। अरब और यहूदी नागरिकों के जमीनी आंदोलन ‘‘स्टैंडिंग टुगेदर’’ के रुला दाउद ने कहा, ‘‘हम अभी देख सकते हैं कि एलजीबीटीक्यू के खिलाफ, फिलिस्तीनियों के खिलाफ, इजराइल में प्रमुख अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ कई कानूनों की वकालत की जा रही है। उन्होंने कहाकि हम यहां जोर-शोर से और स्पष्ट रूप से यह कहने के लिए जुटे हैं कि इजराइल में अरब और यहूदी नागरिकों सहित विभिन्न समुदाय के लोग शांति, समानता और न्याय की चाह रखते हैं।

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