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G-20 शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी की राह चले राष्ट्रपति जोको विडोडो, जानें क्या बोला मेजबान इंडोनेशिया?

 Published : Nov 15, 2022 10:18 am IST,  Updated : Nov 15, 2022 10:18 am IST

Indonesian President Joko Widodo's speech at G20 summit:जी-20 शिखर सम्मेलन में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो भी भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नक्शेकदम पर चलते दिखाई दिए। उन्होंने भी रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर बड़ा बयान दिया। हालांकि उन्होंने इस दौरान रूस या यूक्रेन का नाम नहीं लिया।

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक के साथ इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो- India TV Hindi
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक के साथ इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो Image Source : AP

Indonesian President Joko Widodo's speech at G20 summit:जी-20 शिखर सम्मेलन में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो भी भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नक्शेकदम पर चलते दिखाई दिए। उन्होंने भी रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर बड़ा बयान दिया। हालांकि उन्होंने इस दौरान रूस या यूक्रेन का नाम नहीं लिया। जोको से पहले पीएम मोदी ने यूक्रेन में युद्ध विराम की मांग करते हुए इसे कूटनीति से हल करने की मांग की। अब तक यूक्रेन युद्ध को समाप्त नहीं करवा पाने पर पीएम मोदी ने संयुक्त राष्ट्र की विफलता करार दिया।

वहीं पीएम मोदी के बाद इंडोनेशियाई राष्ट्रपति जोको विडोडो ने मंगलवार को यहां शुरू हुए वार्षिक जी20 शिखर सम्मेलन के एक सत्र में वैश्विक नेताओं से संयुक्त राष्ट्र चार्टर का पालन करने और ‘‘युद्ध’’ को समाप्त करने का आह्वान किया। उनका इशारा रूस-यूक्रेन संघर्ष की ओर था। विडोडो ने कहा कि दुनिया के लोगों के प्रति सभी नेताओं की जिम्मेदारी बनती है। जिम्मेदार होने का मतलब संयुक्त राष्ट्र चार्टर का ‘‘लगातार’’ पालन करना है। उन्होंने कहा, ‘‘जिम्मेदार होने का मतलब युद्ध समाप्त करना है।’’ उन्होंने अंग्रेजी में रूस या यूक्रेन का नाम नहीं लिया, हालांकि उनके संबोधन का कुछ हिस्सा इंडोनेशियाई भाषा ‘बहासा’ में था।

युद्ध समाप्त नहीं हुआ तो होगी मुश्किल

विडोडो ने कहा अगर युद्ध समाप्त नहीं हुआ तो आगे बढ़ना मुश्किल होगा। दुनिया को एक और शीत युद्ध में नहीं फंसना चाहिए। दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के नेता अगले दो दिन (15-16 नवंबर) के दौरान सम्मेलन में कोविड-19 वैश्विक महामारी और यूक्रेन पर रूस के हमले से उत्पन्न चुनौतियों से निपटने के तरीकों पर चर्चा करेंगे। शिखर सम्मेलन के आधिकारिक तौर पर शुरू होने से पहले इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो ने आयोजन स्थल पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत किया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने ट्वीट किया, ‘‘एक साथ उभरें, मजबूती से उभरें। खाद्य एवं ऊर्जा सुरक्षा और स्वास्थ्य सहित समसामयिक वैश्विक चुनौतियों पर आज विस्तृत विचार-विमर्श किया जाएगा।

बाइडन और मैक्रों से मिले मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से भी संक्षिप्त बातचीत की। इंडोनेशिया जी20 समूह का वर्तमान अध्यक्ष है। भारत एक दिसंबर से औपचारिक रूप से जी20 की अध्यक्षता संभालेगा। इंडोनेशिया ने करीब एक साल पहले जी20 की अध्यक्षता संभालते हुए ‘‘एक साथ उभरें, मजबूती से उभरें’’ का नारा दिया था, जो उस समय कोविड-19 वैश्विक महामारी के प्रकोप की मार झेल रही दुनिया के लिए एकदम उपयुक्त था। हालांकि, आज यह नारा थोड़ा कम प्रासंगिक प्रतीत हो रहा है। खासकर तब, जब रूस के यूक्रेन पर हमला करने के बाद विश्व आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहा है और खाद्य एवं ऊर्जा स्रोतों की कमी का संकट मंडरा रहा है।

जी20 शिखर सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री मोदी बुधवार को इंडोनेशिया के राष्ट्रपति विडोडो, स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और सिंगापुर के प्रधानमंत्री ली सीन लूंग के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे। हालांकि, प्रधानमंत्री चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग से मुलाकात करेंगे या नहीं, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है। यहां पीएम मोदी की ब्रिटेन के पीएम ऋषि सुनक से भी मुलाकात हो सकती है।

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