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उत्तर कोरिया को लगेगी मिर्ची, दक्षिण कोरिया, अमेरिका और जापान ने शुरू की मिसाइल डिफेंस ड्रील

 Written By: Deepak Vyas @deepakvyas9826
 Published : Apr 17, 2023 07:32 am IST,  Updated : Apr 17, 2023 07:38 am IST

योनहाप न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार इन तीनों देशों के जवानों ने मिसाइल डिफेंस ड्रील की। क्योंकि उत्तर कोरिया से मिसाइल हमलों का खतरा कभी भी बना रह सकता है। इसके जवाब में मिसाइल डिफेंसी ड्रील की गई है।

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उत्तर कोरिया को लगेगी मिर्ची, दक्षिण कोरिया, अमेरिका और जापान ने शुरू की मिसाइल डिफेंस ड्रील Image Source : ANI

Missile Defence Drill:  उत्तर कोरिया के बढ़ते खतरों और न्यूक्लियर मिसाइल टेस्ट से इलाके में फैली दहशत के बीच अमेरिका, दक्षिण कोरिया, जापान ने मिलकर पूर्वी सागर में सम्मिलित रूप से सैन्याभ्यास शुरू कर दिया है। योनहाप न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार इन तीनों देशों के जवानों ने मिसाइल डिफेंस ड्रील की। क्योंकि उत्तर कोरिया से मिसाइल हमलों का खतरा कभी भी बना रह सकता है। इसके जवाब में मिसाइल डिफेंसी ड्रील की गई है। साउथ कोरिया की ROKS Yulgok Yi I, अमेरिका की USS Benfold and the जापान की Maritime Self-Defense Force's JS Atago ने हिस्सा लिया।

इससे पहले दक्षिण के रक्षा मंत्रालय ने शनिवार को कहा था कि उत्तर कोरिया के बढ़ते खतरों से निपटने के लिए दक्षिण कोरिया, अपने सहयोगी देशों अमेरिका और जापान के साथ नियममित मिसाइल डिफेंस और पनडुब्बी रोधी जॉइंट एक्सरसाइज पर सहमत हुए हैं। योनहाप न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार उत्तर कोरिया ने हाल के समय में न्यूक्लियर मिसाइलों, बैलेस्टिक मिसाइलों के लगातार परीक्षण से इलाके में तनाव का वातावरण बना दिया है। इस बढ़ते तनाव के बीच तीनों देशों के बीच शुक्रवार को टीटीटी के एक सेशन में बातचीत हुई और वे संयुक्त सैन्याभ्यास के नतीजे पर पहुंचे। दरअसल, उत्तर कोरिया ने गुरुवार को ह्वाासेंग 18 इंटर कॉन्टिनेंटल बैलेस्टिक मिसाइल यानी आईसीबीएम का टेस्ट किया था। 

तीन साल बाद हुआ ‘डीटीटी‘ का आयोजन, उत्तर कोरिया के खतरे से निपटने पर चर्चा

 
शुक्रवार को हुआ तीन वर्षों में पहला डीटीटी सत्र तीन देशों के बीच मजबूत होते सुरक्षा सहयोग का एक और संकेत है। इससे पहले 2020 में इसका आयोजन किया गया था। कोरोना महामारी और दक्षिण कोरिया व जापान के बीच ऐतिहासिक तनाव के दौरान उसके बाद से तीनों देशों के बीच डीटीटी आयोजन नहीं किया गया था। शुक्रवार को हुए डीटीटी सत्र के संयुक्त बयान में कहा गया है, तीनों पक्षों ने उत्तर कोरिया के परमाणु और मिसाइल खतरों को रोकने और जवाब देने के लिए मिसाइल रक्षा अभ्यासों और पनडुब्बी रोधी अभ्यासों को नियमित करने पर चर्चा की गई।

डीटीटी में चर्चा के दौरान तीनों देशों ने उत्तर कोरिया द्वारा यूएन के सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के बार बार उल्लंघन पर उत्तर कोरिया की कड़े शब्दों में निंदा की। क्योंकि उत्तर कोरिया यूएन के प्रस्तावों का उल्लंघन करते हुए मिसाइलों का परीक्षण करता है और बार बार उकसाने वाली गतिविधियों में लिप्त रहता है। 

अमेरिका, जापान और दक्षिण कोरिया द्वारा चर्चा के बीच यह चेतावनी भी दी गई कि उत्तर कोरिया यदि परमाणु परीक्षण और न्यूक्लियर मिसाइल टेस्ट जैसी कारस्तानियां नहीं रोकता है तो अंतरराष्ट्रीय समुदाय से करारा जवाब मिलेगा। इस चर्चा के बाद अब तीनों देशों ने मिसाइल डिफेंस ड्रील भी शुरू कर दी है, जिससे उत्तर कोरिया को मिर्ची लगी होगी। लेकिन उन्होंने दोहराया कि उत्तर कोरिया के साथ शांतिपूर्ण और कूटनीतिक समाधान के लिए बातचीत का रास्ता खुला है।

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