Thailand: रूस से तेल खरीदने के भारत के फैसले पर क्या सोचते हैं अमेरिका और अन्य देश, जानें पूरी खबर

Thailand: थाईलैंड पहुंचे भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा है कि रूस से तेल खरीदने के भारत के फैसले की अमेरिका और दुनिया के अन्य देश भले ही सराहना न करें, लेकिन उन्होंने इसे स्वीकार कर लिया है।

Shashi Rai Edited By: Shashi Rai @km_shashi
Updated on: August 17, 2022 14:10 IST
External Affairs Minister of India S. Jaishankar- India TV Hindi News
Image Source : PTI External Affairs Minister of India S. Jaishankar

Highlights

  • भारत का रूस से तेल खरीदने का फैसला दुनिया ने स्वीकारा: विदेश मंत्री
  • मेरे देश में प्रति व्यक्ति आय दो हजार डॉलर है, लोग ज्यादा कीमत नहीं दे सकते: विदेश मंत्री

Thailand: थाईलैंड पहुंचे भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा है कि रूस से तेल खरीदने के भारत के फैसले की अमेरिका और दुनिया के अन्य देश भले ही सराहना न करें, लेकिन उन्होंने इसे स्वीकार कर लिया है, क्योंकि नयी दिल्ली ने अपने रुख का कभी बचाव नहीं किया, बल्कि उन्हें यह एहसास कराया कि तेल एवं गैस की ‘अनुचित रूप से अधिक’ कीमतों के बीच सरकार का अपने लोगों के प्रति क्या दायित्व है। जयशंकर भारत-थाईलैंड संयुक्त आयोग की नौवीं बैठक में भाग लेने के लिए मंगलवार को यहां पहुंचे और उन्होंने एक समारोह में भारतीय समुदाय के सदस्यों से मुलाकात की। जयशंकर ने भारतीय समुदाय के साथ मुलाकात के दौरान यूक्रेन एवं रूस के मध्य जारी युद्ध के बीच, रूस से कम दाम पर तेल खरीदने के भारत के फैसले का बचाव किया और कहा कि भारत के कई आपूर्तिकर्ताओं ने अब यूरोप को आपूर्ति करना शुरू कर दिया है, जो रूस से कम तेल खरीद रहा है।

'हम अपने हितों को लेकर बहुत खुले एवं ईमानदार रहे हैं'

 उन्होंने कहा कि तेल की कीमत ‘अनुचित रूप से अधिक’ हैं और यही हाल गैस की कीमत का है। उन्होंने कहा कि एशिया के कई पारंपरिक आपूर्तिकर्ता अब यूरोप को आपूर्ति कर रहे हैं, क्योंकि यूरोप रूस से कम तेल खरीद रहा है। जयशंकर ने एक प्रश्न के उत्तर में कहा, ‘‘आज स्थिति ऐसी है कि हर देश अपने नागरिकों के लिए सर्वश्रेष्ठ सौदा करने की कोशिश करेगा, ताकि वह इन उच्च कीमतों का असर झेल सके और हम यही कर रहे हैं।’’ उन्होंने कहा कि भारत ‘रक्षात्मक तरीके’ से ऐसा नहीं कर रहा है। जयशंकर ने कहा, ‘‘हम अपने हितों को लेकर बहुत खुले एवं ईमानदार रहे हैं। मेरे देश में प्रति व्यक्ति आय दो हजार डॉलर है। वे लोग ऊर्जा की अत्यधिक कीमत को वहन नहीं कर सकते।’’ उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करना उनका दायित्व एवं नैतिक कर्तव्य है कि भारत को सर्वश्रेष्ठ सौदा मिले। 

'अमेरिका समेत सभी जानते हैं कि हमारी क्या स्थिति है'

रूस से तेल खरीदने के कारण अमेरिका के साथ भारत के संबंधों पर पड़ने वाले असर के बारे में पूछे जाने पर जयशंकर ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि न केवल अमेरिका बल्कि अमेरिका समेत सभी जानते हैं कि हमारी क्या स्थिति है और वे इस बारे में अब आगे बढ़ चुके हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘जब आप खुलकर और ईमानदारी से अपनी बात रखते हैं, तो लोग उसे स्वीकार कर लेते हैं।’’ जयशंकर ने कहा, ‘‘वे हमेशा संभवत: उसकी सराहना नहीं करेंगे, लेकिन जब आप बात करते हैं और चालाकी करने की कोशिश नहीं करते, जब आप बिल्कुल सीधे तरीके से अपने हित सामने रखते हैं, तो मुझे लगता है कि दुनिया वास्तविकता को काफी हद तक स्वीकार कर लेती हैं।’’

'थाईलैंड विशेष रूप से हमारे लिए महत्वपूर्ण रहा है'

उन्होंने भारत और थाईलैंड के संबंधों के बारे में कहा, ‘‘दक्षिण पूर्वी एशियाई राष्ट्रों के संगठन (आसियान) के सदस्य देशों में थाईलैंड विशेष रूप से हमारे लिए महत्वपूर्ण रहा है। यह आज एक बहुत बड़ा साझीदार है। मुझे लगता है कि हमारा आज 15 अरब डॉलर से अधिक का व्यापार है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं थाईलैंड के साथ हमारे संबंधों को आगे ले जाने आया हूं।’’ 

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