1. Hindi News
  2. विदेश
  3. एशिया
  4. बांग्लादेश में शेख हसीना के तख्तापलट को संयुक्त राष्ट्र ने जानें किसके लिए करार दिया ऐतिहासिक अवसर, कही अनोखी बात

बांग्लादेश में शेख हसीना के तख्तापलट को संयुक्त राष्ट्र ने जानें किसके लिए करार दिया ऐतिहासिक अवसर, कही अनोखी बात

 Edited By: Dharmendra Kumar Mishra
 Published : Aug 16, 2024 10:47 pm IST,  Updated : Aug 16, 2024 10:47 pm IST

तख्तापलट को यूएन ऐतिहासिक अवसर कह रहा है। जबकि‘बांग्लादेश नेशनल हिंदू ग्रैंड अलायंस’ ने कहा कि पांच अगस्त को शेख हसीना के नेतृत्व वाली सरकार के गिरने के बाद से अल्पसंख्यक समुदाय को 48 जिलों में 278 स्थानों पर हमलों और धमकियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने इसे ‘हिंदू धर्म पर हमला’ करार दिया।

शेख हसीना, बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री। - India TV Hindi
शेख हसीना, बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री। Image Source : AP

जिनेवा/ढाका: बांग्लादेश में प्रधानमंत्री रही शेख हसीना के तख्तापलट को लेकर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार का चौंकाने वाला बयान सामने आया है। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर तुर्क ने शेख हसीना के तख्तापलट को अन्य के लिए ऐतिहासिक अवसर करार दिया है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों समेत विभिन्न लोगों के खिलाफ हिंसा एवं मानवाधिकार उल्लंघन के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने की जरूरत है। उनके कार्यालय ने हाल के सप्ताहों में देश में हुए विरोध प्रदर्शनों और अशांति पर शुक्रवार को एक प्रारंभिक रिपोर्ट जारी की।

तुर्क ने सभी मानवाधिकार उल्लंघनों की व्यापक, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच का आह्वान किया। उन्होंने यह भी कहा कि इस दक्षिण एशियाई देश में सत्ता-परिवर्तन यह सुनिश्चित करने का एक ऐतिहासिक अवसर है कि शासन मानवाधिकारों, समावेश और कानून के शासन पर आधारित हो। तुर्क की यह टिप्पणी उस घोषणा के एक दिन बाद आई है, जिसमें कहा गया था कि उनके कार्यालय की एक टीम अगले सप्ताह बांग्लादेश का दौरा करेगी और प्रदर्शनकारियों की हत्याओं की जांच करेगी।

जानें क्यों तख्तापलट को कहा ऐतिहासिक अवसर

उच्चायुक्त (संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार) ने कहा, ‘‘ आगामी सत्ता परिवर्तन देश की संस्थाओं में सुधार और उन्हें ऊर्जावान बनाने, मौलिक स्वतंत्रता एवं नागरिक स्थान को बहाल करने तथा बांग्लादेश में सभी को भविष्य के निर्माण में भाग लेने का ऐतिहासिक अवसर प्रस्तुत करता है।’’ उन्होंने संदर्भ बांग्लादेश में सरकार में परिवर्तन से था, जब चार बार प्रधानमंत्री रहीं शेख हसीना ने सरकारी नौकरियों में कोटा प्रणाली के मुद्दे पर छात्रों के आंदोलन से उपजे व्यापक जनांदोलन के मद्देनजर पांच अगस्त को इस्तीफा दे दिया और भारत चली गयीं। हसीना के जाने के बाद बांग्लादेश में अराजकता फैल गई। नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस को आठ अगस्त को अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार के रूप में शपथ दिलाई गई। उन्हें संसद भंग करने के बाद राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन द्वारा चुना गया था।

यूएन की टीम करेगी बांग्लादेश का दौरा

बांग्लादेश सरकार के मुख्य सलाहकार द्वारा सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर किये गये पोस्ट में अगले सप्ताह संयुक्त राष्ट्र विशेषज्ञों की टीम के आने की घोषणा की गई। 1971 में बांग्लादेश के अस्तित्व में आने बाद पहली बार है जब संयुक्त राष्ट्र ने देश में व्यापक मानवाधिकार हनन की जांच के लिए तथ्यान्वेषी मिशन बांग्लादेश भेजा है। उच्चायुक्त (मानवाधिकार) कार्यालय से जारी बयान में कहा गया है कि माना जाता है कि व्यापक हिंसा में 32 बच्चों समेत सैकड़ों लोग मारे गए हैं और हजारों लोग घायल हुए हैं।  (भाषा) 

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Asia से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें विदेश