तिराना: अल्बानिया भी प्रदर्शन की आग में जल रहा है। राजधानी तिराना में प्रदर्शन के छठे दिन हालात और बिगड़ गए। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया, पेट्रोल बम से अटैक किया, स्मोक बम से हमला किया। सड़कों पर जगह जगह धुआं उठता नजर आया।
प्रदर्शनकारियों को कंट्रोल करने के लिए पुलिस भी डटी रही। उन पर आंसू गैस के गोले दागे, वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया, प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए लाठीचार्ज किया। कई जगह प्रोटेस्टर्स पुलिस से भिड़ते दिखे, इतना ही नहीं सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया, सरकारी इमारतों और बैंकों पर हमला किया, दुकानों के शीशे तोड़े और आग लगा दी।
ये हिंसा तब और बढ़ गई, जब हाई स्कूल और यूनिवर्सिटी के छात्र भी सरकार विरोधी आंदोलन में शामिल हो गए। अल्बानिया के प्रधानमंत्री एडि रामा ने आरोप लगाया कि हिंसक प्रदर्शन के पीछे बाहरी ताकतों का हाथ है। उन्होंने बताया कि दो दिन पहले एक ऐसे ड्रोन को मार गिराया है, जिसमें विस्फोटक लदे थे, इस ड्रोन के जरिए पीएम ऑफिस के इनर कोर्टयार्ड में हमला करना था, ताकि ज्यादा से ज्यादा नुकसान हो।
पीएम एडि रामा ने कहा इस तरह की हिंसक सोच किसी स्टूडेंट या युवा की नहीं हो सकती। ये किसी बाहरी ताकत का ही काम है। कई दिन से प्रदर्शनकारी पीएम के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। वो शिक्षा व्यवस्था की बदहाली, बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी को लेकर सरकार के खिलाफ हैं।
पुलिस के मुताबिक हंगामे के दौरान 167 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। 132 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। पीएम एडि रामा प्रदर्शनकारियों से बात करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने अपील की है कि प्रदर्शनकारी आए, खुलकर हर मुद्दे पर बात करें लेकिन उन्होंने इस्तीफा देने की मांग को खारिज कर दिया है। एडी रामा 2013 से सत्ता में हैं और अपना चौथा कार्यकाल पूरा कर रहे हैं।