यूक्रेन की महिलाओं पर बढ़ा रूसी सैनिकों का अत्याचार, घरों के बाहर सफेद कपड़े टांगने का आदेश, आखिर क्या होगा उनके साथ?

Russia Ukraine War: रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि रूस के सैनिक कब्जे वाले इलाकों में यूक्रेनी महिलाओं के साथ अत्याचार कर रहे हैं। इन इलाकों में आम नागरिकों के नरसंहार के भी दावे किए गए हैं।

Shilpa Edited By: Shilpa @Shilpaa30thakur
Updated on: November 25, 2022 18:53 IST
यूक्रेन में घरों के बाहर सफेद कपड़े टांगने का आदेश- India TV Hindi
Image Source : PTI यूक्रेन में घरों के बाहर सफेद कपड़े टांगने का आदेश

रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध को 9 महीने का वक्त पूरा हो चुका है। यूक्रेन का दावा है कि उसकी सेना रूसी सेना को मुंहतोड़ जवाब दे रही है। उसने रूस को देश के उन हिस्सों से खदेड़ दिया है, जहां उसने कब्जा कर लिया था। युद्ध की शुरुआत से ही ये खबर चर्चा में थी कि रूस की सेना कब्जे वाले इलाकों में यूक्रेनी नागरिकों पर कहर बरपा रही है। यहां महिलाओं के साथ अत्याचार लगातार बढ़ रहा है। इस बीच एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि कमांडरों समेत रूसी सैनिकों ने यूक्रेनी महिलाओं को अपने घरों के बाहर सफेद कपड़े टांगने का आदेश दिया है। ताकि साथी सैनिक जान सकें कि किस महिला का यौन शोषण करना है। 

डेली मेल की रिपोर्ट के अनुसार, कीव के युद्ध अपराधों की जांच में सहायता कर रहे ब्रिटिश आपराधिक वकील वेन जोर्डैश ने कहा, युद्ध के दौरान कमांडरों ने सैनिकों को यूक्रेन में रूस के कब्जे वाले शहरों में महिलाओं का यौन शोषण करने को प्रोत्साहित किया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कीव के पास बेरेस्टियांका गांव की एक यूक्रेनी महिला ने उसके साथ हुए दुर्व्यवहार के बारे में बताया। महिला का कहना है कि एक रूसी सैनिक ने कैसे उसे अपने घर के बाहर एक सफेद कपड़ा लटकाने का आदेश दिया था। वेन जोर्डैश ने कहा कि कीव के आसपास के कुछ क्षेत्रों में रूसी सैनिकों के द्वारा की गई यौन हिंसा के भी सबूत मिले हैं। 

युद्ध के हथियार के रूप में बलात्कार का इस्तेमाल

इसमें संगठन का एक लेवल भी शामिल है, जो इस तरह की योजना बनाने की बात करता है। डेली मेल की रिपोर्ट के अनुसार, व्लादिमीर पुतिन के कमांडरों और सैनिकों ने युद्ध शुरू होने के नौ महीनों में बलात्कार को युद्ध के हथियार के रूप में इस्तेमाल किया है। युद्ध में व्यवस्थित सामूहिक बलात्कार अभियान एक राष्ट्र को जातीय रूप से शुद्ध करने और लोगों की पीढ़ियों को मनोवैज्ञानिक रूप से आघात पहुंचाने के लिए एक उपकरण के रूप में जबरन संसेचन का उपयोग करते हैं।

बलात्कार के बाद पैदा हुए बच्चे किए जाते हैं कलंकित 

शिक्षाविदों का कहना है कि युद्ध के दौरान महिलाओं के साथ बलात्कार के बाद पैदा हुए बच्चों को अक्सर कलंकित किया जाता है क्योंकि वे युद्ध की याद दिलाते हैं। पूरे यूक्रेन में महिलाओं के साथ यौन हिंसा हुई है। इसके सबूत अब सामने आए हैं। जो दिखा रहे हैं कि रूसी कमांडरों ने एक व्यवस्थित बलात्कार अभियान जानकर ये आदेश दिया है। 

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