मॉस्कोः अमेरिका से छिड़े टैरिफ वार के बीच भारत और रूस अपने संबंधों को नई स्फूर्ति देने में लगे हैं। इन दिनों भारतीय विदेश मंत्री रूस की यात्रा पर हैं। जयशंकर ऐसे वक्त में मॉस्को गए हैं, जब अमेरिका ने रूस से तेल खरीदने पर भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगा दिया है। ऐसे में भारत और रूस मिलकर अमेरिकी टैरिफ का समाधान खोजने के लिए नई रणनीति पर काम कर रहे हैं। यह अमेरिका के लिए चिंता का सबब हो सकता है।
जयशंकर ने रूसी थिंक टैंक से की मुलाकात
अपनी यात्रा के दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मॉस्को में रूस के प्रमुख विद्वानों और थिंक टैंक प्रतिनिधियों से बातचीत की। इस दौरान भारत-रूस संबंधों, समकालीन वैश्विक भू-राजनीति और भारत के दृष्टिकोण पर चर्चा हुई। उन्होंने एक्स पर लिखा, "रूस के प्रमुख विद्वानों और थिंक टैंक प्रतिनिधियों के साथ बातचीत करके खुशी हुई। भारत-रूस संबंधों, समकालीन वैश्विक भू-राजनीति और भारत के दृष्टिकोण पर चर्चा हुई।"
भारत-रूस पुराने मित्र देश
भारत और रूस पारंपरिक सहयोगी और गहरे मित्र रहे हैं। ऐसे में दोनों देश मिलकर अपने संबंधों को अब नई ऊंचाई पर ले जाने के प्रयास में हैं। ऐसे में जयशंकर की प्रमुख रूसी थिंक टैंक से मुलाकात के कई मायने निकाले जा रहे हैं। भारत और रूस ऊर्जा व सुरक्षा डील के साथ अमेरिकी प्रतिबंध से निपटने का भी रास्ता खोज सकते हैं।