कीव: रूस ने पिछले एक हफ्ते से यूक्रेन पर हमलों और घेराबंदी को तेज कर दिया है। यूक्रेनी सैनिकों को कई शहरों में पीछे धकेलने के बाद रूस ने अब यूक्रेन के Dnepropetrovsk region में बड़ा हवाई हमला किया है। इस हमले में यूक्रेनी सेना को सैन्य उपकरणों और हथियारों की सप्लाई करने वाले ब्रिज को उड़ा दिया है। यह यूक्रेन के लिए रणनीतिक रूप से सबसे बड़ा झटका माना जा रहा है। रूस के इस हमले ने यूक्रेन के पूर्वी मोर्चे पर तनाव और बढ़ा दिया है।
पूरी तरह ध्वस्त हो गया यूक्रेन का ब्रिज
रूसी वायुसेना ने ड्नेप्रोपेत्रोव्स्क क्षेत्र में एक प्रमुख पुल पर सटीक हवाई हमला किया, जिससे वह पूरी तरह नेस्तनाबूद हो गया। यह पुल कीव की सेनाओं द्वारा हथियारों, सैन्य उपकरणों की आपूर्ति और मानव संसाधनों की भरपाई के लिए उपयोग किया जा रहा था, जिससे यूक्रेनी सेना को भारी नुकसान पहुंचा है। रूसी रक्षा मंत्रालय ने हमले को "सैन्य लक्ष्य पर सटीक प्रहार" बताते हुए कहा कि यह यूक्रेनी लॉजिस्टिक चेन को तोड़ने की रणनीति का हिस्सा है। मंत्रालय के प्रवक्ता ने दावा किया कि हमले में केवल सैन्य सामग्री को निशाना बनाया गया, लेकिन स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, पुल के ध्वंस से आसपास के गांवों में नागरिकों को खतरा बढ़ गया है।
जेलेंस्की को सबसे बड़ा झटका
यूक्रेनी सेना के लिए यह पुल लाइफलाइन माना जाता था। ऐसे में रणनीतिक मोर्चे पर यूक्रेनी सेना को यह बहुत बड़ा नुकसान है। इससे रूसी सैनिक अब यूक्रेन के कई इलाकों में कब्जा करने की कोशिश को और आसान बना सकते हैं। ड्नेप्रोपेत्रोव्स्क क्षेत्र के गवर्नर सर्गेई लिसेंको ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा, "यह हमला न केवल हमारी आपूर्ति लाइनों को प्रभावित करेगा, बल्कि निर्दोष नागरिकों की जान जोखिम में डाल रहा है। हम अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तत्काल सहायता की अपील करते हैं।"यह घटना यूक्रेन-रूस युद्ध के 1,000 दिनों से अधिक लंबे संघर्ष में एक महत्वपूर्ण मोड़ है।
डोनाबास के निकट है ड्नेप्रोपेत्रोव्स्क क्षेत्र
ड्नेप्रोपेत्रोव्स्क क्षेत्र डोनबास के निकट स्थित है। यह इलाका लंबे समय से रूसी हमलों का केंद्र रहा है। हाल के दिनों में 25 अक्टूबर को हुए मिसाइल और ड्रोन हमलों में यहां दो नागरिक मारे गए थे, जबकि 30 अक्टूबर को पोकrovस्के में हवाई हमले हुए। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार रूस पर ड्रोन युद्ध और नागरिक क्षेत्रों पर हमलों के लिए युद्ध अपराधों का आरोप लगाया गया है, जो इस घटना को और जटिल बनाता है। यूक्रेनी सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि पुल का विनाश पूर्वी मोर्चे पर यूक्रेनी बलों की गतिशीलता को प्रभावित करेगा, जहां वे रूसी प्रगति को रोकने की कोशिश कर रहे हैं।
रूस ने बताया ब्रिज ध्वस्त करने को बहुत बड़ी सफलता
कीव सरकार ने नाटो सहयोगियों से अतिरिक्त हथियारों की मांग की है, जबकि मॉस्को ने इसे "विशेष सैन्य अभियान" की सफलता बताया है। विश्लेषकों का मानना है कि यह हमला रूसी रणनीति का हिस्सा है, जो यूक्रेन की आपूर्ति को काटकर सर्दियों से पहले लाभ लेने का प्रयास है। इस हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएं तेजी से आ रही हैं। अमेरिकी विदेश विभाग ने हमले की निंदा की, जबकि यूरोपीय संघ ने अतिरिक्त प्रतिबंधों पर विचार करने की बात कही।
जेलेंस्की ने कहा-हम झुकेंगे नहीं
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने कहा, "हम झुकेंगे नहीं। हर नुकसान हमें मजबूत बनाता है।" इस घटना ने वैश्विक ऊर्जा बाजारों में भी हलचल मचा दी है, क्योंकि क्षेत्र की आपूर्ति बाधित होने से यूरोपीय देशों पर दबाव बढ़ सकता है। क्या यह हमला युद्ध के पाठ्यक्रम को बदल देगा? विशेषज्ञों का कहना है कि यूक्रेन को वैकल्पिक मार्ग विकसित करने होंगे, लेकिन रूसी हवाई श्रेष्ठता एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। संघर्ष जारी है, और शांति की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही।
यह भी पढ़ें
इजरायल-हमास में अब छिड़ा "लाश युद्ध", इजरायली सेना ने 2 के बदले सौंपे 30 फिलिस्तीनियों के शव