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US टैरिफ से असंतुलित हुए भारत का व्यापार सुधारने को रूस निभाएगा दोस्ती, पुतिन ने अधिकारियों को दिया बहुत बड़ा आदेश

 Edited By: Dharmendra Kumar Mishra
 Published : Oct 03, 2025 02:42 pm IST,  Updated : Oct 03, 2025 02:42 pm IST

पुतिन ने भारत-रूस की गहरी दोस्ती का जिक्र करते यह भी कहा कि हमारे विदेश मंत्रालय मिलकर बहुत निकटता से काम करते हैं।’’ इसके अलावा उन्होंने एआई (कृत्रिम मेधा) और अन्य अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी विकसित करने के लिए एक संयुक्त कोष के विचार का स्वागत किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (बाएं) और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन (दाएं)- India TV Hindi
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (बाएं) और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन (दाएं) Image Source : AP

मॉस्को: रूस से भारी मात्रा में तेल खरीद रहे भारत को अमेरिकी टैरिफ से हुए नुकसान के चलते हुए व्यापार असंतुलन को दूर करने के लिए रूस दोस्ती निभाएगा। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत द्वारा भारी मात्रा में रूसी कच्चे तेल का आयात किए जाने के कारण पैदा हुए व्यापार असंतुलन को कम करने के लिए अपने अधिकारियों को उचित कदम उठाने के लिए निर्देशित किया है। इसके तहत पुतिन ने भारत द्वारा रूसी तेल खरीदने के बदले में मॉस्को को नई दिल्ली से अधिक से अधिक मात्रा में कृषि उत्पाद और दवाइयां खरीदने सहित अन्य उपाय करने के आदेश दिए हैं। 

ये दोस्ती हम नहीं तोड़ेंगे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन की दोस्ती जगजाहिर है। इसलिए भारत को अमेरिकी टैरिफ से हुए नुकसान के चलते व्यापार असंतुलन को दूर करने के लिए रूस ने रणनीति बनानी शुरू कर दी है। पुतिन रूस के परम मित्र भारत के व्यापार असंतुलन को दूर करने की जिम्मेदारी का स्वयं अपने कंधों पर लेना चाहते हैं। यह अमेरिका के लिए भारत और रूस की गहरी दोस्ती का प्रमाण भी होगा। पुतिन ने यह घोषणा ऐसे समय में की है, जब वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए दिसंबर की शुरुआत में भारत की यात्रा करने वाले हैं। 


140 देशों को संबोधन के दौरान पुतिन ने दिखाई भारत से दोस्ती की ताकत

पुतिन ने दक्षिण रूस के सोची स्थित काला सागर रिसॉर्ट में भारत सहित 140 देशों के सुरक्षा एवं भू-राजनीतिक विशेषज्ञों के अंतरराष्ट्रीय वल्दाई चर्चा मंच को बृहस्पतिवार शाम संबोधित करते हुए कहा, ‘‘अमेरिका के दंडात्मक शुल्कों के कारण भारत को होने वाले नुकसान की भरपाई रूस से कच्चे तेल के आयात से हो जाएगी, साथ ही उसे एक संप्रभु राष्ट्र के रूप में प्रतिष्ठा भी मिलेगी।’’ उन्होंने रूसी तेल खरीदने के कारण अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर लगाए गए अतिरिक्त 25 प्रतिशत शुल्क का उल्लेख करते हुए यह बात की। अमेरिका द्वारा भारत पर लगाया गया कुल शुल्क 50 प्रतिशत हो गया है। उन्होंने कहा कि व्यापार असंतुलन को दूर करने के लिए रूस भारत से अधिक कृषि उत्पाद और दवाइयां खरीद सकता है। पुतिन ने कहा, ‘‘भारत से अधिक कृषि उत्पाद खरीदे जा सकते हैं। औषधीय उत्पादों और फार्मास्यूटिकल्स के लिए हमारी ओर से कुछ कदम उठाए जा सकते हैं।’’ 

 

रूस करेगा भारत की पूरी मदद

सरकारी समाचार एजेंसी ‘तास’ के अनुसार, राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि उन्होंने रूस सरकार को निर्देश दिया है कि वह ‘‘भारतीय मित्रों और समकक्षों को’’ इस संबंध में प्रस्ताव देने पर विचार करे कि ‘‘ सहयोग के सबसे आशाजनक क्षेत्र कौन से हैं तथा रूस किस प्रकार व्यापार और अन्य क्षेत्रों में असंतुलन को दूर कर सकता है।’’ उन्होंने रूस और भारत के बीच आर्थिक सहयोग की अपार संभावनाओं का उल्लेख किया लेकिन इन अवसरों को पूरी तरह से भुनाने के लिए कुछ विशिष्ट मुद्दों को हल करने की आवश्यकता को भी स्वीकार किया। उन्होंने तुलना करते हुए बताया कि रूस और भारत के बीच व्यापार लगभग 63 अरब अमेरिकी डॉलर का है और बेलारूस के साथ यह 50 अरब अमेरिकी डॉलर है। पुतिन ने जोर देकर कहा, ‘‘भारत की जनसंख्या 1.5 अरब और बेलारूस की आबादी एक करोड़ है। यह स्पष्ट रूप से हमारे संभावित अवसरों के अनुरूप नहीं है।’’ पुतिन ने कहा, ‘‘हमें अपने अवसरों और संभावित लाभों को प्राप्त करने के लिए सभी प्रकार के मुद्दों को हल करने की आवश्यकता है।


भारत-रूस के साथ कभी कोई तनाव न रहा और न होगा

पुतिन ने कहा कि भारत और रूस के साथ न तो कभी कोई समस्या या तनाव रहा है और न ही आगे होगा। पुतिन का यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए भी सख्त संदेश देना जैसा है। पुतिन ने रूस-भारत संबंधों की सोवियत संघ के दिनों से ‘‘विशेष’’ प्रकृति पर प्रकाश डाला जब भारत अपनी स्वतंत्रता के लिए संघर्ष कर रहा था। उन्होंने कहा, ‘‘भारत में वे इसे याद रखते हैं, वे इसे जानते हैं और वे इसे महत्व देते हैं। हम इस बात की सराहना करते हैं कि भारत इसे नहीं भूला है।’’ उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को अपना ’‘‘मित्र बताते हुए कहा कि वह उनके साथ भरोसेमंद संबंधों को लेकर सहज महसूस करते हैं।


पुतिन ने की पीएम मोदी की सराहना

 पुतिन ने मोदी के नेतृत्व वाली भारत की राष्ट्रवादी सरकार की सराहना की और उन्हें एक ‘‘संतुलित, बुद्धिमान और राष्ट्र हितैषी’’ नेता बताया। उन्होंने कहा, ‘‘भारत में हर कोई इसे अच्छी तरह जानता है’’, खासकर रूस से तेल आयात रोकने के अमेरिकी दबाव को नजरअंदाज करने के भारत के फैसले का कारण लोग समझते हैं। पुतिन ने इस बात का भी जिक्र किया कि रूस और भारत के बीच विशेष रणनीतिक विशेषाधिकार प्राप्त साझेदारी की घोषणा को जल्द ही 15 साल हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि अपने राजनीतिक संबंधों को लेकर रूस और भारत लगभग हमेशा अपने कार्यों के बीच समन्वय करते हैं। पुतिन ने कहा, ‘‘हम अन्य प्रमुख मुद्दों पर हमारे देशों की स्थिति को हमेशा सुनते एवं ध्यान में रखते हैं।  (भाषा)

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