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नई दिल्ली आने को उत्सुक जेलेंस्की को पीएम मोदी पर भरोसा, कहा-भारत रोकवा सकता है रूस-यूक्रेन युद्ध

 Edited By: Dharmendra Kumar Mishra
 Published : Aug 24, 2024 01:09 pm IST,  Updated : Aug 24, 2024 01:09 pm IST

पीएम मोदी के निमंत्रण पर यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की भारत आने को बेहद उत्सुक हैं। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के साथ एक और बैठक करके हमें खुशी होगी। इसके साथ ही जेलेंस्की ने प्रधानमंत्री मोदी पर भरोसा जताते कहा कि भारत चाहे तो वह युद्ध रोकवा सकता है। क्योंकि भारत इसमें सक्रिय भूमिका निभा सकता है।

पीएम मोदी और यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की। - India TV Hindi
पीएम मोदी और यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की। Image Source : PTI

कीवः पूरी दुनिया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करिश्माई नेतृत्व की कायल है। पिछले 10 वर्षों में पीएम मोदी के कार्यकाल के दौरान भारत की विदेश नीति ने विश्व के मानस पटल पर नई छाप छोड़ी है। पूरी दुनिया का भरोसा भारत पर बढ़ा है। बात चाहे प्राकृतिक आपदाओं की हो, वैश्विक समस्याओं के समाधान की हो, महामारी की हो या फिर युद्ध की....हर क्षेत्र में पीएम मोदी के कौशल को विश्व सलाम कर रहा है। यही वजह है कि पीएम मोदी वर्ल्ड लीडर बनकर उभरे हैं। यह पीएम मोदी के नेतृत्व का ही कमाल है कि भारत रूस और यूक्रेन को एक साथ साध सका है। इससे पूरी दुनिया हैरान है। 

आज के दौर में पीएम मोदी दुनिया का भरोसा बन चुके हैं। यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लादिमिर जेलेंस्की को भी भारत और पीएम मोदी पर सबसे ज्यादा विश्वास है। जेलेंस्की का मानना है कि पीएम मोदी चाहें तो वह युद्ध को रोकवा सकते हैं। उन्होंने कहा कि भारत उनके देश और रूस के बीच युद्ध समाप्त कराने के वैश्विक कूटनीतिक प्रयासों में एक "महत्वपूर्ण" भूमिका निभा सकता है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि वह भारत की यात्रा करने को लेकर उत्सुक हैं। बता दें कि पीएम मोदी ने जेलेंस्की को भारत आने का न्यौता दिया है।

जेलेंस्की ने कहा पीएम मोदी की यात्रा ऐतिहासिक

द्विपक्षीय वार्ता के बाद भारतीय मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए जेलेंस्की ने कहा, "मोदी की यात्रा ऐतिहासिक है।” उन्होंने कहा कि भारत को यूक्रेन का साथ देने की जरूरत है, न कि अमेरिका और रूस के बीच संतुलन साधने की। मोदी की यूक्रेन की लगभग नौ घंटे की यात्रा, 1991 में यूक्रेन की स्वतंत्रता के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा थी। यह यात्रा, जुलाई में मॉस्को में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ शिखर वार्ता के छह सप्ताह बाद हुई है। द्विपक्षीय वार्ता के दौरान, मोदी ने पहले जेलेंस्की से कहा कि यूक्रेन और रूस दोनों को युद्ध समाप्त करने के तरीके खोजने के लिए बिना समय बर्बाद किए एक साथ बैठना चाहिए। मोदी ने कहा कि भारत फरवरी 2022 में युद्ध की शुरुआत से ही शांति के पक्ष में रहा है।

जेलेंस्की ने कहा-भारत में बैठक करके होगी खुशी

जेलेंस्की ने कहा, "जब आप रणनीतिक साझेदारी, कुछ बातचीत शुरू करते हैं, तो आपको समय बर्बाद नहीं करना चाहिए। इसलिए मुझे लगता है कि फिर से मुलाकात करना अच्छा रहेगा, और अगर हमारी बैठक भारत में होगी, तो मुझे खुशी होगी।” उन्होंने कहा, "मुझे काफी जरूरत है कि आपका देश हमारे पक्ष में रहे।” जेलेंस्की कहा, "यह आपकी ऐतिहासिक पसंद का मामला नहीं है, लेकिन कौन जानता है, हो सकता है कि आपका देश कूटनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए महत्वपूर्ण भूमिका निभाए।" उन्होंने कहा, "मैंने आपके बड़े और महान देश के बारे में बहुत कुछ पढ़ा है। यह बहुत दिलचस्प है।" उन्होंने कहा, "इसलिए जब आपकी सरकार, प्रधानमंत्री (मोदी) मुझसे मिलना चाहेंगे, तब भारत आने पर मुझे खुशी होगी।" जेलेंस्की ने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी, पुतिन के मुकाबले शांति के ज्यादा समर्थक हैं। समस्या यह है कि पुतिन (शांति) नहीं चाहते। (भाषा) 

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