नई दिल्ली: नासा के वैज्ञानिक स्कॉट केली ने स्पेस की जीरो ग्रैविटी में एक फूल को कामयाबी के साथ खिला में सफलता प्राप्त की है। अंतरिक्ष में पहली बार शून्य गुरूत्वाकर्षण पर फूल खिलाने की घटना अपने आप में अनोखी है। अमेरिका के एस्ट्रोनॉट ने इस ऐतिहासिक खबर को बताया कि ज़िन्निया नाम के पौंधे में यह फूल खिला है। साथ ही उन्होंने इस फूल की फोटो को ट्वीटर पर भी डाला है।
फूल देखकर ऐसा लगात है कि स्पेस में भी जीवन है
उन्होंने अपने ट्वीटर अकाउंट में लिखा कि स्पेस में पहली बार फूल खिला है जिसे देखकर लगता है कि स्पेस में भी जीवन है। नासा के वैज्ञानिकों ने कहा कि इस पौंधे को केवल सुंदरता के लिए नहीं लगाया गया था इसे इसलिए लगाया गया था ताकि यह पता लगाया जा सके कि माइक्रोग्रेविटी में फूल खिल सकता है या नहीं।

स्पेस में लेटिस और गेहूं के पौधे तो उग सकते हैं पर फूल नहीं
दिसंबर महीने के अंत में कैली ने ट्वीट कर ज़िन्निया की मुर्झाए हुए पौंधे की फोटो पोस्ट की थी। उन्होंने कहा कि मंगल ग्रह पर उनके पौंधे अच्छे नहीं दिखते हैं। स्पेस में लेटिस और गेहूं के पौधे तो उग सकते हैं पर फूल नहीं। इस फूल के खिलने से सभी को आश्चर्य हुआ है। ISS के प्रोडक्ट मैनेजर ने नासा के वैज्ञानिकों से कहा कि जिन्निया, लेटिस पौंधे से बहुत अलग होते हैं। यह पर्यावरण के मानकों और प्रकाश के प्रति संवेदनशील होते है। और 60 से 80 दिनों तक जीवित रहते हैं।
साथ ही जिन वैज्ञानिकों ने स्पेस में पौधें उगाने पर काम किया उनका मानना था कि फूल की उपस्थिति से ISS के क्रू मेंबर प्रोत्साहित होंगे। पहली बार स्पेस में फूल खिलने से सभी लोग इसकी खास देखभाल कर रहे हैं