1. Hindi News
  2. विदेश
  3. अमेरिका
  4. भारत ने 170 से अधिक देशों के साथ मिलकर जलवायु समझौते पर किया हस्ताक्षर

भारत ने 170 से अधिक देशों के साथ मिलकर जलवायु समझौते पर किया हस्ताक्षर

 Written By: India TV News Desk
 Published : Apr 23, 2016 12:05 pm IST,  Updated : Apr 23, 2016 12:05 pm IST

पेरिस में चल रहे जलवायु समझौते में भारत ने 170 से अधिक देशों के साथ मिलकर संयुक्त राष्ट्र में बीते शुक्रवार को हस्ताक्षर कर दिए हैं।

climate agreement- India TV Hindi
climate agreement

संयुक्त राष्ट्र: पेरिस में चल रहे जलवायु समझौते में भारत ने 170 से अधिक देशों के साथ मिलकर संयुक्त राष्ट्र में बीते शुक्रवार को हस्ताक्षर कर दिए हैं। इस समझौते ने विकासशील और विकसित देशों को धरती के बढ़ते तापमान का मुकाबला करने के लिए ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन में कटौती के मोर्चे पर काम शुरू करने के लिए एक साथ खड़ा किया है।

भारतीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में इस समझौते पर हस्ताक्षर किए। समारोह में शासनाध्यक्षों, मंत्रियों, उद्योगपतियों और कलाकारों ने हिस्सा लिया और उसकी मेजबानी संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने की।

बान ने कहा, 'यह इतिहास में एक अहम क्षण है। आज आप भविष्य से जुड़े एक संविदापत्र पर हस्ताक्षर कर रहे हैं। हम समय से होड़ कर रहे हैं।' एक सौ इकहत्तर देशों के जलवायु समझौते के हस्ताक्षर समारोह में शामिल होने के साथ ही किसी अंतरराष्ट्रीय समझौते पर एक दिन में ज्यादातर देशों का मौजूद रहना एक रिकॉर्ड है। इससे पहले 1982 में 119 देशों ने समुद्री नियम संधि पर हस्ताक्षर किए थे।

इस हस्ताक्षर के बाद देशों को अपने यहां से इस समझौते को मंजूरी दिलानी होगी। जब यूएनएफसीसी से जुड़े कम से कम 55 देश, जिनका वैश्विक उत्सर्जन कम से कम 55 फीसदी हो, इस समझौते को घरेलू स्तर पर मंजूरी प्रदान कर देंगे, तब उसके 30 दिनों के अंदर यह प्रभाव में आ जाएगा।

नवीकरणीय विद्युत क्षमता 175 गिगावाट करने की योजना

भारत ने कहा है कि धनी देशों के दशकों के औद्योगिक विकास के बाद जलवायु परिवर्तन से लड़ने का बोझ गरीब देशों के कंधों पर नहीं डाला जा सकता। भारत ने हर परिवार को बिजली की आपूर्ति की सरकार की योजना के तहत 2022 तक अपना नवीकरणीय विद्युत क्षमता चार गुणा बढ़ाकर 175 गिगावाट करने की योजना की घोषणा की है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इसी हफ्ते की शुरुआत में यहां के एक थिंक टैंक को संबोधित करते हुए कहा था कि अपनी विकास जरूरतों के बावजूद भारत जलवायु की सुरक्षा के लिए पूरी तरह कटिबद्ध है।

जेटली ने कहा था, 'विकास के जिस स्तर तक हम पहुंचे हैं, वह बहुत है लेकिन अब भी एक कठोर सत्य यह है कि हमें काफी सफर करना है। हमें और मकानों, बिजली, शौचालयों, सड़कों और फैक्टरियों की जरूरत है। अत: ईंधन की हमारी आवश्यकता निश्चित ही बढ़ने जा रही है। इन सभी के बावजूद पर्यावरण को बचाने के हमारे अपने मापदंड बड़े कठोर हैं।' उन्होंने कहा, 'हम अपनी जिम्मेदारियों को लेकर सजग हैं।'

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। US से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें विदेश