वाशिंगटन: भारत के साथ रणनीतिक एवं पारंपरिक अंसतुलन को अपने लिए सबसे बड़ी सुरक्षा चिंता करार देते हुए पाकिस्तान ने परमाणु हथियारों के जखीरे को कम करने के अमेरिकी आह्वान को ठुकरा दिया। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के विदेश मामलों के सलाहकार अजीज ने डिफेंस राइटर्स ग्रुप के साथ नाश्ते के दौरान बातचीत में कहा, मुझे लगता है कि :पाकिस्तान की सबसे बड़ी: सुरक्षा चिंता भारत के साथ रणनीति और पारंपरिक असंतुलन है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद इसके बाद आता है।
एक सवाल के जवाब में अजीज ने कहा, आतंकवाद हमारी घरेलू चिंता है। यह अफगानिस्तान से आता है जो हमारी सीमा के भीतर हमारी दूसरी चिंता बन गया है। हम उम्मीद करते हैं कि अगले कुछ वर्षों में इसे नियंत्रित कर लिया जाएगा। उन्होंने अमेरिका की उस इच्छा को भी खारिज कर दिया कि पाकिस्तान अपने परमाणु हथियारों को कम करे। अजीज ने यह कहा कि अगर भारत ऐसा करता है तो हम इस बारे में सोच सकते हैं। अगर भारत नहीं करता है तो हम कैसे कर सकते हैं?
परमाणु हथियारों को घटाने के लिए अमेरिका और रूस के साथ काम करने की मिसाल देते हुए अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी ने पाकिस्तान से कल कहा था कि वह इस वास्तविकता को समझे और अपनी परमाणु नीति की समीक्षा करे। यहां अमेरिका-पाकिस्तान रणनीतिक संवाद के तहत सुरक्षा वार्ता के दौरान परमाणु मुद्दे पर चर्चा की गई। पाकिस्तान के परमाणु हथियारों का जखीरा तेजी से बढ़ाने संबंधी खबरों का परोक्ष रूप से हवाला देते हुए केरी ने कहा, मेरा मानना है कि पाकिस्तान के लिए इस वास्तविकता को समझना महत्वूपर्ण है और वह अपनी नीति में इस बिंदु को आगे रखे।