वाशिंगटन: अमेरिका में राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी की दौड़ तेज होने के साथ ही एक भारतीय-अमेरिकी के नेतृत्व वाली शोध टीम डेमोक्रेटिक पार्टी के दो प्रमुख दावेदारों हिलेरी क्लिंटन और बर्नी सैंडर्स के बारे में दो डोजियर लाने वाली है जो उनकी उम्मीदवारी पर गंभीर सवाल खड़े करेगा। हिलेरी के खिलाफ भारी-भरकम डोजियर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध संसाधनों तथा सूचना की स्वतंत्रता कानून के तहत दायर सैकड़ों याचिकाओं पर आधारित है। ये जानकारियां 31 वर्षीय राज शाह के नेतृत्व वाली रिपब्लिकन शोध टीम ने जुटाई हैं। शाह ने पीटीआई-भाषा के साथ साक्षात्कार में कहा, हम जो देख रहे हैं, वह यह है कि एक उम्मीदवार :हिलेरी: दशकों तक एक परिवेश में रहने के बाद, चाहे वह खुफिया सेवा सुरक्षा हो, आलीशान महलों में रहना हो या संभ्रांत वर्ग से अच्छा चंदा जुटाने के जलसे हों, वह मध्यम आय वर्ग के मतदाताओं के संघर्ष से अवगत नहीं है।
जानी मानी कोर्नेल यूनिवर्सिटी से स्नातक शाह को गत फरवरी में रिपब्लिकन नेशनल कमेटी (RNC) के अध्यक्ष रींस प्रीबियस ने इस परियोजना का शोध निदेशक नियुक्त किया था। शाह ने विश्वास जताया कि हिलेरी से संबंधित अब लगभग तैयार हो चुका डोजियर उनकी उम्मीदवारी के बारे में गंभीर सवाल उठाएगा। उन्होंने अपने पास मौजूद दस्तावेजों का हवाला देते हुए कहा कि उनके (हिलेरी) चरित्र और ईमानदारी के बारे में सवाल बने रहेंगे और ये अंतत: राष्ट्रपति पद के रिपब्लिकन उम्मीदवार को सौंप दिए जाएंगे, जब भी यह फैसला होगा। शाह ने कहा, प्रचार अभियान में हमारा प्राथमिक मिशन यह मामला बनाने का है कि हिलेरी तथा सैंडर्स देश को और भी गलत दिशा में ले जा सकते हैं।