संयुक्त राष्ट्र: मध्य अफ्रीका गणराज्य में संयुक्त राष्ट्र द्वारा तैनात किए गए सैनिकों पर यौन उत्पीड़न का मामला सामने आया है। यहां पर ऐसे 100 से ज्यादा मामले सामने आए हैं जिन्होंने यह आरोप लगाया है। यूएन सचिव बान की मून का कहना है कि महिलाओं द्वारा लगाए गए इन आरोपों ने हमें अंदर तक हिला कर रख दिया है। संयुक्त राष्ट्र को तब इस बात की जानकारी मिली जब संयुक्त राष्ट्र की एक टीम ने महिलाओं और लड़कियों से इस बारे में पता करने के लिए दक्षिणी मध्य केमो क्षेत्र का दौरा किया। संयुक्त राष्ट्र के वैश्विक निकाय के एक प्रवक्त्ता स्टीफन दुजारिक का कहना है कि हमने जिस सेना को लोगों की रक्षा के लिए भेजा था उन्होंने उलटा काम किया है। उनका कहना है कि यूएन के अधिकारियों ने अब तक 108 पीड़ित महिलाओं से इसकी पूछताछ की है। पीड़ितों में ज्यादातर कम उम्र की महिलाएं शामिल हैं। जिनका सेना के सदस्यों ने यौन उत्पीड़न किया है।
संयुक्त राष्ट्र की टीमों को शिकायतें मिलीं कि फ्रांस के संगारिस बल के सैनिकों ने लड़कियों को थोड़े से धन के बदले पशुगमन के लिए विवश किया। शांति सैनिकों द्वारा किए जाने वाले यौन उत्पीड़न के मामलों पर नजर रखने वाले सिविल सोसाइटी ग्रुप ‘एड्स फ्री वर्ल्ड’ ने कहा कि तीन लड़कियों ने संयुक्त राष्ट्र के एक मानवाधिकार अधिकारी को बताया कि वर्ष 2014 में एक कमांडर ने उन्हें एक शिविर में बांधकर रखा और निर्वस्त्र कर दिया तथा उन्हें दुष्कर्म के लिए विवश किया। फ्रांस के संयुक्त राष्ट्र दूत फ्रांसिस डेलाट्रे और अमेरिकी राजदूत सामंथा पॉवर ने आरोपों को ‘दुखद’ करार दिया।