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नासा 2018 में लाएगी सबसे शक्तिशाली रॉकेट

 Written By: IANS
 Published : Apr 07, 2015 12:10 pm IST,  Updated : Apr 07, 2015 12:10 pm IST

वाशिंगटन: अमेरिकी अतंरिक्ष एजेंसी नासा वर्ष 2018 में एस्ट्रॉइड (क्षुद्रग्रह) हंटर, सिस्टम (एसएलएस) से चंद्रमा टॉर्च और डीएनए किट से लैस मानव रहित ओरायन अंतरिक्षयान की लांचिंग अपने अब तक का सबसे शक्तिशाली रॉकेट 'स्पेस

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वाशिंगटन: अमेरिकी अतंरिक्ष एजेंसी नासा वर्ष 2018 में एस्ट्रॉइड (क्षुद्रग्रह) हंटर, सिस्टम (एसएलएस) से चंद्रमा टॉर्च और डीएनए किट से लैस मानव रहित ओरायन अंतरिक्षयान की लांचिंग अपने अब तक का सबसे शक्तिशाली रॉकेट 'स्पेस लांच सिस्टम (एसएलस)' का प्रयोग करते हुए लांच करेगी।

नासा, एसएलएस की लगभग एक दर्जन नैनो-उपग्रहों को साथ ले जाने की भारी उत्तोलन क्षमता का प्रयोग, पृथ्वी की न्यून कक्षा में और अंतत: मंगल ग्रह पर वैज्ञानिक प्रयोगों में करने की योजना बना रही है।

ओरायन को चंद्रमा के आसपास की प्रतिगामी कक्षा तक पहुंचाने के लिए, एसएलएस इसे एक अमानवीय परीक्षण विमान पर प्रक्षेपित करेगा।

एसएलएस के शीर्ष प्रणोदन चरण से जुड़ने के लिए ओरायन में एक स्टेज (चरण) एडाप्टर होगा। इसमें 11 आत्म-निहित छोटे उपग्रह होंगे, जिनमें प्रत्येक का आकार जूते के बड़े बॉक्स जितना होगा।

अल्बामा के हंट्विल स्थित मार्शल स्पेस फ्लाइट सेंटर के जोडी सिंगर ने बताया, "नासा इस मिशन के हमारे प्राथमिक केंद्रबिंदु से परे, विज्ञान में अधिक नेतृत्व करने के बेहतर अवसर का लाभ उठा रहा है।"

यह नया यान मिशनों को पृथ्वी कक्षा से परे ले जाने सक्षम करेगा। सिंगर ने कहा, "हम छोटे-छोटे, क्यूबसैट वर्ग के अंतरिक्ष उपकरणों (पेलोड्स) को अनुकूल बनाकर एसएलएस की वैज्ञानिक और अन्वेषण क्षमता बढ़ाने की ओर काम कर रहे हैं।"

नियर-अर्थ एस्टेरोइड (एनईए) स्कॉउट, चंद्र टॉर्च (लूनार फ्लैशलाइट) ओर बायोसेंटिनल गौण अंतरिक्ष उपकरण हैं।

एसएलएस, नासा द्वारा बनाया गया अभी तक का सबसे शक्तिशाली रॉकेट होगा। नासा ने एक बयान में बताया, "हम उस डिजाइन का लाभ उठाना चाहते हैं।"

 

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