
इस शोध में वॉलेंटियर्स को अधिकतर समय लेटकर ही बिताना होता है। नहाने और खुद को साफ करने के लिए वॉलेंटियर्स को एक प्लास्टिक बेडपैन और हाथ से संचालित होने वाला शॉवर दिया जाता है। खाने-पीने के लिए भी लोगों को वैसा ही खाना देते हैं जो अंतरिक्ष यात्री खाते हैं। लगातार लेटे रहने से वॉलेंटियर्स के पीठ और गले में होने वाले दर्द का भी हर दिन पता लगाया जाता है। जब रिसर्च प्रोग्राम खत्म होने में केवल 14 दिन रहते हैं, उससे पहले प्रतिभागियों को आराम से बेड में रहने दिया जाता है, जिससे उनका शरीर फिर से सामान्य हो सके।
इस काम को करने के लिए नासा ऐसे लोगों को लेता है जो फिट हो। इस शोध का हिस्सा बनने के लिए आपकी फिटनेस अंतरिक्ष यात्री की तरह होनी चाहिए। इस शोध के लिए लोगों को लेने से पहले लोगों को कठोर फिटनेस टेस्ट से होकर गुजरना होता है। इस शोध में आपके शरीर की हर गतिविधि को देखा जाता है। नासा हर साल ऐसे शोध करता है।