वाशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर होने वाले समझौते की समीक्षा का अधिकार कांग्रेस को देने वाले विधेयक पर शुक्रवार को हस्ताक्षर कर दिए। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रपट के मुताबिक, इस कानून के आधार पर कांग्रेस को 30 दिन में इस परमाणु समझौते की समीक्षा करने का अधिकार होगा। साथ ही कांग्रेस ओबामा को ईरान पर से परमाणु प्रतिबंध हटाने से रोक सकेगी।
यदि अमेरिकी कांग्रेस के सदस्य ईरान के साथ होने वाले संभावित समझौते को अस्वीकृत कर देते हैं तो संभावना है कि ओबामा अपने 'वीटो' का इस्तेमाल करें। ऐसी स्थिति में ओबामा सरकार कांग्रेस द्वारा ईरान पर लगाए गए कुछ आर्थिक प्रतिबंध हटाने का अधिकार खो देगी, जो फिलहाल उनके पास है।
दुनिया के कई देश इस व्यापक परमाणु समझौते पर ईरान से बातचीत कर रहे हैं, जिसके तहत ईरान पर से आर्थिक प्रतिबंध हटा लिए जाएंगे और इसके बदले में वह अपने परमाणु कार्यक्रमों को सीमित कर लेगा। दोनों पक्षों पर अप्रैल माह में समझौते की रूपरेखा पर सहमति बन गई है और 30 जून तक इसे अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है।
ओबामा ने शुक्रवार को दोहराया कि ईरान को परमाणु हथियार बनाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि वह 'खराब समझौता' स्वीकार नहीं करेंगे।
ओबामा ने वाशिंगटन में यहूदियों के एक कार्यक्रम में कहा, "इस समझौते पर मेरा नाम होगा, इसलिए यह सुनिश्चित करने में मेरे से अधिक व्यक्तिगत जिम्मेदारी किसी की नहीं होगी कि यह समझौता अपने वादों पर खरा उतरेगा।"