नई दिल्ली: मुस्लिमों की अमेरिका में एंट्री रोकने की मांग करने वाले रिपब्लिकन नेता डोनाल्ड ट्रंप को लेकर विवाद बढ़ गया है। लाखों लोगों ने पिटीशन साइन कर ब्रिटेन में ट्रंप के घुसने पर बैन लगाने की मांग की है। वहीं स्कॉटिश यूनिवर्सिटी ने ट्रंप को दी गई डिग्री वापस ले ली है। यूनिवर्सिटी का कहना है कि ट्रंप ने हाल में कई विवादित बयान दिए हैं जो यूनिवर्सिटी के वैल्यू के खिलाफ है। यूनिवर्सिटी ने 2010 में ट्रंप को मानद डिग्री दी थी।
ट्रंप ब्रिटेन आते जाते रहते हैं और उनके आने पर बैन लगाने की मांग करने वालों की तादाद लगातार बढ़ रही है। ट्रंप का स्कॉटलैंड में खुद का दो गोल्फ कोर्स है जहां वे पिछले साल भी आ चुके हैं। वहीं ब्रिटेन के वित्त मंत्री जॉर्ज ओसबोर्ने ने बुधवार को कहा कि देश में ट्रंप के आने पर पाबंदी नहीं लगानी चाहिए।
ट्रंप ने दी पार्टी छोडऩे की धमकी
अपने बयान पर विवाद और फिर दुनियाभर से आलोचना का शिकार होने वाले ट्रम्प ने कहा कि अगर वह पार्टी छोड़ भी दें तो चुनाव जीत जाएंगे। अपने बयान पर अडिग डोनाल्ड ट्रम्प के मुताबिक, उन्होंने एक सर्वे करवाया है जिसमें उनके 68 फीसदी समर्थकों ने कहा कि अगर ट्रम्प रिपब्लिकन छोड़ भी दें तो वह उन्हें ही वोट करेंगे। ट्रम्प ने फेसबुक पर लिखा, ‘एक नया सर्वे बताता है कि मेरे 68 फीसदी समर्थक मेरे ग्रुप ऑफ रिपब्लिकन छोडऩे पर भी मेरे साथ हैं।’
उनका यह विवादास्पद बयान ऐसे समय में आया है जब महज एक ही दिन पहले ही अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने देश में प्रवेश के लिए धार्मिक जांचों को खारिज करने की बात कही थी। हालांकि कैलिफोर्निया में हुई अंधाधुंध गोलीबारी और कई लोगों की मौत से चिंतित बराक ओबामा ने अमरीकी जनता को भरोसा दिलाया कि इस्लामिक स्टेट को नेस्तनाबूद करने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।
रिपब्लिकन पार्टी में ही राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी के लिए संघर्ष कर रहे जेब बुश ने डोनाल्ड ट्रंप को मानसिक रूप से परेशान बताया। पूर्व उप राष्ट्रपति डिक चेनी ने कहा कि यह टिप्पणी हर उस मूल्य के खिलाफ है जिसमें अमरीका विश्वास करता है। वहीं उनकी प्रतिद्वंदी लिंडसे ग्राहम ने कहा कि यह बेहद गंभीर और खतरनाक है।