नई दिल्ली: आपने अक्सर लोगों को देखा होगा कि वह अलग-अलग तरीके से सोते हैं। बहुत से लोग लोग ऐसे होते हैं जिनको नींद नहीं आती है। और ऐसे भी बहुत लोग हैं जो 7 घंटे से भी कम की नींद लेते हैं। एक स्मार्टफोन एप की मदद से 100 देशों में किए गए अध्ययन से यह बात पता चली है। मिशिगन विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं का कहना है कि जो लोग सूरज की रोशनी में ज्यादा रहते हैं वो जल्दी सोते हैं और ज्यादा अच्छी नींद ले पाते हैं लेकिन जो लोग सू रज की रोशनी में कम रहते हैं उन्हें ज्यादा अच्छी नहीं आती।
टीम ने एक एप की सहायता से 100 देशों के हजारों लोगों की नींद का अध्ययन किया था। जिसमें उन्होंन पाया कि सांस्कृतिक दबाव के कारण लोगों के शरीर पर प्रभाव पड़ता है। जिस कारण आपकी नींद पर प्रभाव पड़ता है। शोधकर्ताओं का कहना है कि इसके अलावा भी ऐसे बहुत से कारण है जो नींद को प्रभावित कर सकते हैं।
अगली स्लाइड में पढ़ें कि कौन निर्धारित करता है कि आपको कितना सोना है