
समागम के छह महीने पहले 20 साल की सारह मैली को पता चला कि वह और उसकी जुडवां बहन जेना दरअसल स्पर्म डोनर की देन हैं। मैली ने डोनर सिब्लिंग रजिस्ट्री के ज़रिये टॉड से से संपर्क किया और इस समागम का आयोजन किया।

सारह ने कहा टॉड को देखना अद्भुत अनुभव था। 'मुझे लग रहा था कि बस हाय हेलो होगी और हम कहेंगे आपसे मिलकर अच्छा लगा लेकिन मिलते ही हमने एक दूसरे को गले लगा लिया...ऐसा लगा मानो ये कोई बहुत ही बड़ी बात हो गई।
बच्चे अपने डोनर पिता से मिलना चाहते थे
नेटवर्किंग साइट Donor Sibling Register बच्चों को उनके डोनर पिता से उनकी आईडी नंबर के ज़रिये मिलने में मदद करती है। इसके संस्थापक क्रैमर का कहना है कि बच्चों की अपने डोनर पिता से मिलने की इच्छा स्वाभाविक है।
कैरी फ़ेलप्स भी अपने डोनर पिता से मिलना चाहती थी और 14 साल की उम्र में वह आख़िर टॉड से मिल ही ली। फ़ेलप्स की मां विवाहिता नहीं हैं और फ़ेलप्स का कहना है कि उसे कम उम्र में ही मालूम चल गया था कि वह स्परप्म डोनर की संतान हैं। उन्हें टॉड को ढूंढ़ने में दो हफ्ते लगे।
'वो पल अतुल्य जब मैंने उसका (टॉड) की तस्वीर पहली बार देखी थी।' टॉड का पता चलने के बाद फ़ेलप्स ने उन्हें ईमेल कर मिलने का आग्रह किया।
इसके बाद दोनों एक दूसरे के करीब आ गये और दूसरे बच्चों के साथ छुट्टियां भी बिताईं। उन्होंने कहा कि उसे कभी भी नहीं लगा कि उसकी ज़िंदगी में कोई कमी है लेकिन अपने भाई-बहनों से मिलकर बहुत ख़ुशी हुई। इन सब लोगों से मिलना एक अजीब अनुभव है। ये मेरे लिये सम्मान की बात है।'
टाड ने कहा मैं उनका पिता नहीं लेकिन ऐसा लगता है उनका अंकल हूं
टॉड का कहना है कि हालंकि वह इन बच्चों का उस मायने में बाप नही है लेकिन फिर भी उन्हें उनके प्रति ज़िम्मेदारी का एहसास होता है। ये ऐसी ज़िम्मेदारी का एहसास है मानो मैं उनका अंकल हूं। अगर किसी वजह से उनके माता-पिता उनकी मदद न कर सकें तो जो हो सकेगा मैं करुंगा।'
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