वाशिंगटन: अमेरिका ने पाकिस्तान से कहा है कि वह क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करता है पर अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाने वाले आतंकवादियों का सफाया करने के लिए यह हमले करता रहेगा। पाकिस्तान में ड्रोन विमान के हमले में तालिबान प्रमुख मुल्ला अख्तर मंसूर के मारे जाने पर इस्लामाबाद ने चिंता जताते हुए अमेरिकी राजदूत को एक दिन पहले तलब किया था।
पेंटागन प्रवक्ता कैप्टन जेफ डेविस ने बताया कि मंसूर असल में खास कार्यों, खास चीजों में शामिल था जिसने अमेरिका को और अफगानिस्तान में गठबंधन बलों को खास आसन्न खतरा पैदा किया। डेविस ने कल संवाददाता सम्मेलन में कहा कि यह उस व्यक्ति के खिलाफ एक रक्षात्मक हमला था जो अमेरिका और गठबंधन सैनिकों को निशाना बनाने वाले अभियानों की योजना बनाने और उन्हें अंजाम देने में शामिल था।
अमेरिका इसी तरह के रक्षात्मक हमले अफगानिस्तान के अंदर कर रहा है, पर ओसामा बिन लादेन को मार गिराने के बाद शायद यह पहला मौका है कि जब अमेरिका ने पाकिस्तान के अंदर एक रक्षात्मक हमला किया है। अमेरिका के विशेष अभियान बलों द्वारा संचालित कई मानवरहित विमानों ने पाकिस्तान के अंदर जाकर अफगान तालिबान प्रमुख मंसूर को उस वक्त निशाना बनाया, जब वह अफगान सीमा के पास अशांत बलूचिस्तान में एक दूरदराज के इलाके में एक वाहन से जा रहा था। संभवत: वह ईरान से लौट रहा था। हालांकि, हमले को लेकर अपनी चिंता जताने के लिए अमेरिकी राजदूत डेविड हेले को इस्लामाबाद द्वारा तलब किए जाने के बावजूद डेविस ने इस बात पर जोर दिया कि ड्रोन हमले से पाकिस्तान के साथ संबंधों में तनाव नहीं आया है। पाकिस्तान ने अमेरिका के इस कदम को संप्रभुता का उल्लंघन बताया है।
विदेश विभाग के उप प्रवक्ता मार्क टोनर ने कहा कि हम निश्चित रूप से पाकिस्तान क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करते हैं लेकिन हमने पहले ही कहा है कि अमेरिकी बलों के खिलाफ हमलों की योजना बनाने और निर्देशित करने वाले आतंकवादियों का हम सफाया करेंगे। टोनर ने तालिबान को एक चेतावनी देते हुए कहा कि इस हमले ने एक स्पष्ट संदेश दिया है कि अमेरिकी और अफगान लोगों को निशाना बनाने वाले को कहीं पनाह नहीं मिलने जा रही।