1. Hindi News
  2. विदेश
  3. अमेरिका
  4. रूस के हमलों बीच यूक्रेन की ताकत और बढ़ाएगा अमेरिका, जानिए कैसे करेगा मदद?

रूस के हमलों बीच यूक्रेन की ताकत और बढ़ाएगा अमेरिका, जानिए कैसे करेगा मदद?

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Mar 11, 2022 12:13 pm IST,  Updated : Mar 11, 2022 12:13 pm IST

रूस का यूक्रेन पर 16वें दिन भी हमला जारी है। इसी बीच यूक्रेन का हाल बुरा है। इसी बीच अमेरिका यूक्रेन की मदद करके उसकी ताकत और बढ़ाएगा।

Joe Biden, US President- India TV Hindi
Joe Biden, US President Image Source : FILE PHOTO

वॉशिंगटन। रूस का यूक्रेन पर 16वें दिन भी हमला जारी है। इसी बीच यूक्रेन का हाल बुरा है। रूस के यूक्रेन पर हमले से हजारों लोग मारे गए हैं और 20 लाख से अधिक लोग देश छोड़ कर जाने के लिए मजबूर हुए हैं। इसी बीच अमेरिका ने अब यूक्रेन को और ताकतवर बनाने की ठानी है। अमेरिका द्वारा यूक्रेन को आर्थिक सहायता देने का रास्ता साफ हो गया है। 

अमेरिका की संसद ने यूक्रेन और यूरोपीय सहयोगियों को सैन्य और मानवीय सहायता के लिए 13.6 अरब डॉलर के आपात पैकेज को गुरुवार को मंजूरी दी। अमेरिकी संसद ने लोगों की मदद के वास्ते कुल 150000 करोड़ डॉलर के पैकेज को मंजूरी दी। इस विधेयक को 68-31 मतों से मंजूरी मिली। संसद में बहुमत के नेता चक शूमर ने मतदान से पहले कहा,‘हमने यूक्रेन की जनता से वादा किया था कि वे पुतिन के खिलाफ संघर्ष में अकेले नहीं होंगे और एक बार हम इस पैकेज को मंजूरी दे दें, हम अपने वादे पर खरे उतरेंगे।’ 

प्रतिनिधि सभा ने बुधवार को समझौता विधेयक पारित किया था। राष्ट्रपति जो बाइडन के हस्ताक्षर इस पर जरूरी थे। इस राशि की आधी रकम, करीब 13.6 अरब डॉलर यूक्रेन को हथियार और अन्य साजो सामान मुहैया कराने तथा अन्य पूर्वी यूरोपीय देशों को अमेरिकी सैनिकों को भेजने पर खर्च होनी है। शेष राशि का इस्तेमाल मानवीय, आर्थिक सहयोग, क्षेत्रीय सहयोगियों की रक्षा क्षमता मजबूत करने तथा साइबर सुरक्षा आदि के लिए है।

रिपब्लिक पार्टी के सदस्यों ने इसका मजबूती से समर्थन किया है, लेकिन उन्होंने राष्ट्रपति बाइडन की इस बात के लिए आलोचना की कि उन्होंने बहुत धीरे और डरते हुए यह कदम उठाया है। साथ ही उन्होंने पोलैंड के साथ उस मामले के भी हल नहीं होने की आलोचना की, जिसमें पोलैंड ने यूक्रेन की मदद के लिए अपने लड़ाकू विमान देने की पेशकश की थी। संसद में अल्पसंख्यक नेता मिच मैककोनेल ने कहा,‘इस प्रशासन की पहली प्रवृत्ति है बचना, फिर अंतरराष्ट्रीय और सार्वजनिक दबाव बढ़ने की प्रतीक्षा करना, और फिर कार्रवाई करना है।’

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। US से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें विदेश