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अमेरिका ने ईरान के जिस जहाज को किया था जब्त, उसमें चीन ने भेजी थी तेहरान के लिए मिसाइल और सैन्य सामग्री!

 Edited By: Dharmendra Kumar Mishra
 Published : Apr 21, 2026 02:15 pm IST,  Updated : Apr 21, 2026 02:16 pm IST

अमेरिका ने ओमान की खाड़ी में ईरान के जिस कार्गो प्लेन को जब्त किया है, उसमें तेहरान के लिए ईरान द्वारा आपत्तिजनक सामग्री भेजे जाने की रिपोर्ट सामने आ रही है। आशंका है कि इसमें ईरान के लिए चीन द्वारा भेजी सैन्य सामग्री हो सकती है।

होर्मुज में अमेरिका द्वारा जब्त किया गया जहाज। - India TV Hindi
होर्मुज में अमेरिका द्वारा जब्त किया गया जहाज। Image Source : AP

Iran US War: होर्मुज क्षेत्र से लगे ओमान की खाड़ी में अमेरिका ने ईरानी झंडे वाले जिस कार्गो प्लेन हाल ही में जब्त किया है, उसमें चीन द्वारा तेहरान के लिए मिसाइल और सैन्य सामग्री भेजी गई थी। प्रमुख अमेरिकी अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार इस तरह के दावे सामने आ रहे हैं। रिपोर्ट कहती है कि अभी इस बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन प्राथमिक तौर पर आशंका है कि इस जहाज में चीन द्वारा ईरान के लिए भेजी गई सैन्य सामग्री हो सकती है। 

चीनी बंदरगाहों तक थी ईरानी कार्गो की आवाजाही

यह शक और गहरा इसलिए हो जाता है कि अमेरिका ने ईरानी झंडे वाले जिस मालवाहक जहाज को जब्त किया है, उसकी ईरानी बंदरगाहों तक आवाजाही थी। अमेरिकी बलों द्वारा की गई ईरानी जहाज की इस जब्ती ने वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव को और बढ़ा दिया है। जब्त किया गया MV Touska नामक यह जहाज उस नेटवर्क का हिस्सा बताया जा रहा है, जो नियमित रूप से चीन के बंदरगाहों तक आता-जाता रहा है।

ईरान-चीन के रणनीतिक रिश्तों की खुल सकती है पोल

 

इस घटना की खास बात यह है कि यह सिर्फ एक जहाज की जब्ती नहीं, बल्कि ईरान और चीन के बीच जटिल रणनीतिक रिश्तों को भी उजागर करती है। रिपोर्ट के अनुसार यह जहाज हाल के हफ्तों में चीन के झुहाई बंदरगाह पर दो बार गया था और फिर ईरान लौटते समय इसे रोका गया। अमेरिकी नौसेना का कहना है कि जहाज ने कई घंटों तक चेतावनी के बावजूद रुकने से इनकार किया। इसके बाद कार्रवाई करते हुए अमेरिकी युद्धपोत ने जहाज के इंजन को निष्क्रिय किया और मरीन कमांडो ने उस पर चढ़कर उसे अपने नियंत्रण में ले लिया। 

जहाज में  “डुअल-यूज” सामग्री का शक


 जहाज के कार्गो को लेकर अभी तक आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन शुरुआती रिपोर्टों में संकेत दिया गया है कि इसमें “डुअल-यूज” सामग्री हो सकती है। यानी ऐसी वस्तुएं जिनका इस्तेमाल नागरिक और सैन्य दोनों उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है।  ऐसे सामान को लेकर अमेरिका पहले भी चिंतित रहा है, क्योंकि यह ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम से जुड़ा हो सकता है। यह जहाज ईरान की शिपिंग कंपनी IRISL से जुड़ा हुआ बताया जाता है, जिस पर पहले से ही अमेरिकी प्रतिबंध लगे हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के जहाज अक्सर वैश्विक प्रतिबंधों से बचने के लिए जटिल समुद्री नेटवर्क का इस्तेमाल करते हैं, जिसमें चीन जैसे देशों के साथ व्यापारिक संबंध महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

ईरान ने अमेरिकी कार्रवाई को बताया समुद्री डकैती

ईरान ने अमेरिका की इस कार्रवाई को “समुद्री डकैती” बताते हुए कड़ी निंदा की है और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन कहा है।  वहीं अमेरिका इसे अपने सुरक्षा हितों और प्रतिबंधों को लागू करने का हिस्सा बता रहा है। ऐसे में यह घटना केवल एक समुद्री कार्रवाई नहीं, बल्कि वैश्विक शक्ति संतुलन, व्यापार मार्गों और सुरक्षा रणनीतियों के टकराव का प्रतीक है। आने वाले समय में इससे मध्य-पूर्व और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता है।

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