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Nasa Mission: इंसानों को डायनासोर की तरह खत्म होने से बचाएगा NASA का DART मिशन, 26 सितंबर को उल्कापिंड से होगी जोरदार टक्कर

 Written By: Shilpa
 Published : Sep 18, 2022 09:56 am IST,  Updated : Sep 18, 2022 01:42 pm IST

NASA DART Mission: इस टक्कर से, वैज्ञानिक ये पता लगाएंगे कि अंतरिक्ष में टक्कर के बाद उल्कापिंड पर क्या प्रभाव पड़ेगा। अंतरिक्षयान इस घटना की तस्वीरें भी लेगा, जिन्हें लाइव स्ट्रीम के जरिए नासा की वेबसाइट पर शाम 5:30 बजे जारी किया जाएगा।

NASA DART Mission-Asteroid Collision - India TV Hindi
NASA DART Mission-Asteroid Collision Image Source : INDIA TV

Highlights

  • उल्कापिंड से टकराएगा अंतरिक्षयान
  • नासा ने लॉन्च किया था डार्ट मिशन
  • 26 सितंबर को अंतरिक्ष में होगी टक्कर

NASA DART Mission: अंतरिक्ष में मौजूद धरती के लिए सबसे बड़ा खतरा उल्कापिंड हैं। धरती और मानवता को इन उल्कापिंडों से बचाने के लिए अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने बीते साल डार्ट मिशन लॉन्च किया था। यहां डार्ट का मतलब, डबल एस्टेरॉयड रीडायरेक्शन टेस्ट से है। अब ये मिशन 26 सितंबर को अपने काम को अंजाम देने वाला है। यानी लॉन्च होने के करीब 10 महीने बाद। इस मिशन के तहत नासा का एक अंतरिक्षयान उल्कापिंड से टकराएगा और उसकी दिशा बदलने की कोशिश करेगा। इस टक्कर से, वैज्ञानिक ये पता लगाएंगे कि अंतरिक्ष में टक्कर के बाद उल्कापिंड पर क्या प्रभाव पड़ेगा। अंतरिक्षयान इस घटना की तस्वीरें भी लेगा, जिन्हें लाइव स्ट्रीम के जरिए नासा की वेबसाइट पर शाम 5:30 बजे जारी किया जाएगा। एस्टेरॉयड डिडिमोस के साथ घूम रहे चांद के साथ टकराएगा। 

इससे पहले स्पेसक्राफ्ट उल्कापिंड की स्टडी करेगा। इसके बाद चांद उल्कापिंड से टकराएगा। वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि इससे उसकी दिशा बदल सकती है। अगर मिशन कामयाब नहीं होता है तो भविष्य में और मिशन भेजे जा सकते हैं। डिडिमोस उल्कापिंड का व्यास 2600 फीट है, जिसके चारों ओर चक्कर लगाता हुआ एक छोटा चंद्रमा जैसा पत्थर है, जिसे डाइमॉरफोस कहा जाता है, अंतरिक्षयान इसी से टकराएगा। इसका व्यास 525 फीट है। यानी नासा इस छोटे चंद्रमा जैसे पत्थर को निशाना बनाएगा। जो बाद में डिडिमोस से टकराएगा। फिर धरती पर मौजूद टेलीस्कोप से इन दोनों की गति में होने वाले बदलाव का अध्ययन किया जाएगा।

NASA DART Mission-Asteroid Collision
Image Source : INDIA TVNASA DART Mission-Asteroid Collision

भविष्य में धरती को बचाया जा सकेगा

 
वैज्ञानिकों को इस बात की उम्मीद है कि इससे उल्कापिंड की दिशा में बदलाव होगा। अगर ये मिशन सफल नहीं होता है, तो भविष्य में इसी तरह के और मिशन लॉन्च किए जाएंगे। अगर मिशन सफल हो जाता है, तो इससे वैज्ञानिकों को भविष्य में उल्कापिंड की टक्कर से धरती को बचाने में मदद मिलेगी। अंतरिक्षयान 24 हजार किलोमीटर प्रति घंटे की गति से उल्कापिंड की तरफ बढ़ेगा। यह ऐसा पहला मिशन है, जिसका उद्देश्य उल्कापिंड की दिशा में बदलाव करना है, जिसकी सफलता इंसानों को डायनासोर की तरह खत्म होने से बचाएगी। इसमें प्रमुख निशाना डिडिमोस नाम का उल्कापिंड है।  

NASA DART Mission-Asteroid Collision
Image Source : INDIA TVNASA DART Mission-Asteroid Collision

दो दशक पहले की गई थी डिडिमोस की खोज

नासा का टार्गेट धरती के पास की चीजें हैं। जो अंतरिक्ष में हैं और धरती से महज 48 हजार किलोमीटर की दूरी पर स्थित हैं। नासा का उद्देश्य उन उल्कापिंडों का पता लगाना है, जो धरती को नुकसान पहुंचा सकते हैं। एस्ट्रोनॉमर्स ने दो दशक पहले डिडिमोस की खोज की थी। डार्ट अंतरिक्षयान की टक्कर की निगरानी लाइट इटैलियन क्यूबसैट फॉर इमेजिंग एस्टेरॉइड करेगा। अभी तक नासा ने नीयर अर्थ ऑब्जेक्ट्स यानी धरती के पास की 8000 से अधिक चीजों का पता लगाया है। इस मिशन का फायदा ये होगा कि अगर भविष्य में किसी उल्कापिंड के धरती से टकराने की आशंका होती है, तो वक्त रहते उसकी दिशा को बदला जा सकेगा।

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