1. Hindi News
  2. विदेश
  3. अमेरिका
  4. "लोग नहीं जानते कि मेरे फैसले का मतलब क्या है", जानिए अब ऐसा क्यों बोले डोनाल्ड ट्रंप?

"लोग नहीं जानते कि मेरे फैसले का मतलब क्या है", जानिए अब ऐसा क्यों बोले डोनाल्ड ट्रंप?

 Written By: Dhyanendra Chauhan
 Published : Oct 18, 2026 02:32 pm IST,  Updated : Oct 18, 2026 02:35 pm IST

अमेरिकी राष्ट्रपति के इस फैसले पर अमेरिकी सांसदों ने सवाल उठाए हैं। आरोप लगाया है कि इससे रूस पर दबाव कम होगा, जबकि ट्रंप ने इसे अमेरिका और दुनिया के हित में बताया है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप- India TV Hindi
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप Image Source : AP

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नए कानून के तहत रूस को व्यापक प्रतिबंधों से छूट देने के अपने फैसले की कड़ी आलोचना की है। ट्रंप ने इसे 'अच्छा फैसला' बताया और कहा कि लोगों को अभी यह नहीं पता कि इसका वास्तव में क्या मतलब है। ट्रंप ने शनिवार शाम मियामी स्थित अपने मार-ए-लागो रिसॉर्ट में पत्रकारों से कहा, "आपमें से कई लोगों को अभी यह नहीं पता कि मेरा फैसला क्या है लेकिन आप समझ जाएंगे।" उन्होंने कहा, "यह बहुत अच्छा फैसला है और देश के लिए अच्छा साबित होगा। मुझे लगता है कि यह दुनिया के लिए भी अच्छा होगा।" 

भारत समेत 5 बड़े देशों पर 100% शुल्क लगाने के प्रावधान में छूट 

ट्रंप ने शुक्रवार को एक शासकीय आदेश पर हस्ताक्षर किए थे। इसके तहत रूस को नए प्रतिबंध कानून 'ग्राहम अधिनियम' से छूट दी गई। अमेरिकी संसद ने पिछले महीने इस कानून को मंजूरी दी थी। इस आदेश के तहत रूस से तेल व गैस खरीदने वाले चीन और भारत समेत पांच सबसे बड़े देशों पर 100 प्रतिशत शुल्क लगाने के प्रावधान से भी छूट दी गई है। आदेश में कहा गया कि ये छूट तब तक लागू रहेंगी, जब तक राष्ट्रपति या विदेश मंत्री, आवश्यकता के अनुसार वित्त मंत्री और व्यापार प्रतिनिधि से परामर्श करने के बाद यह तय नहीं कर लेते कि आगे कोई कार्रवाई करना उचित है।

ट्रंप के फैसले की आलोचना

रूस को प्रतिबंधों से छूट देने के ट्रंप के फैसले की रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक, दोनों दलों के नेताओं ने आलोचना की है। दोनों दलों के सांसदों ने पिछले महीने मिलकर 'लिंडसे ओ ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट' को भारी बहुमत से पारित किया था। दक्षिण कैरोलाइना की रिपब्लिकन सांसद डार्लिन ग्राहम ने रूस को प्रतिबंध कानून से छूट देने के ट्रंप के फैसले की आलोचना की। इस कानून को उनके भाई लिंडसे ग्राहम ने आगे बढ़ाया था और इसका नाम भी उन्हीं के नाम पर रखा गया है। लिंडसे ग्राहम का निधन हो गया है। डार्लिन ग्राहम ने कहा, "निजी तौर पर, मैं युद्ध समाप्त कराने और गैस की कीमतें कम करने के लिए रूस पर दबाव बनाने का विकल्प चुनती, क्योंकि मुझे (रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर) पुतिन और रूस पर भरोसा नहीं है।" 

रूसी तानाशाह के सामने झुक रहा ट्रंप प्रशासन- थॉम टिलिस

उत्तरी कैरोलाइना के रिपब्लिकन सांसद थॉम टिलिस ने सोशल मीडिया पर ट्रंप के फैसले को 'बेहद गैर-जिम्मेदाराना' बताया। टिलिस ने कहा, "सीनेट में 86 के मुकाबले 11 मतों से पारित कानून को लागू करने की बात राष्ट्रपति और उनके सलाहकारों को समझ में क्यों नहीं आती?" उन्होंने कहा, "यह अक्षम्य है कि यह प्रशासन उस रूसी तानाशाह के सामने झुक रहा है जिसने यूक्रेन पर अवैध रूप से हमला किया।" 

ईरान के साथ युद्ध करना चाहिए समाप्त- थॉम टिलिस

टिलिस ने कहा कि यदि ट्रंप वास्तव में ऊर्जा की कीमतें कम करना चाहते हैं, तो उन्हें ईरान के साथ युद्ध समाप्त करना चाहिए, जिसे ईंधन की कीमतें बढ़ने का एक प्रमुख कारण माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि ट्रंप को इसके बजाय व्लादिमीर पुतिन पर कोई एहसान नहीं करना चाहिए। टेक्सास के रिपब्लिकन सीनेटर जॉन कॉर्निन ने कहा, "लिंडसे इस फैसले से बेहद नाराज होते।" उन्होंने दिवंगत सीनेटर लिंडसे ग्राहम का जिक्र करते हुए यह बात कही, जिन्होंने इस गर्मी में अपनी मृत्यु से पहले विधेयक को आगे बढ़ाने के लिए लगातार काम किया था। (एपी के इनपुट के साथ)

ये भी पढ़ें: 

डोनाल्ड ट्रंप का दावा, ईरान के साथ युद्ध बहुत जल्द होगा खत्म, बोले- अमेरिकी नागरिकों को मिलेगी सस्ते पेट्रोल की सौगात

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। US से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें विदेश।