Israel-US Attack On Iran: अमेरिका-इजरायल और ईरान के जंग जारी है। अमेरिका और इजरायल संयुक्त रूप से सैन्य अभियान को अंजाम दे रहे हैं तो वहीं ईरान भी लगातार पलटवार कर रहा है। ईरान के खिलाफ जारी ऑपरेशन एपिक फ्यूरी को लेकर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बड़ी बातें कही हैं। मार्को रुबियो ने कहा, "किसी ने मुझसे पूछा कि क्या हम इजरायल की वजह से अंदर गए थे, और मैंने आपको बताया कि यह तो होना ही था। प्रेसिडेंट ने एक फैसला किया, और उन्होंने जो फैसला किया वह यह था कि ईरान को अपने बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम के पीछे छिपने नहीं दिया जाएगा। प्रेसिडेंट ने सिस्टमैटिक तरीके से उनकी इस आतंकवादी काबिलियत को खत्म करने का फैसला किया और हमने उसे किया। एक बार जब प्रेसिडेंट ने यह फेसला कर लिया कि बातचीत काम नहीं करेगी, वो बातचीत में हमारे साथ खेल रहे हैं, यह एक ऐसा खतरा था जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता, तो उन पर हमला करने का फैसला किया गया।"
'ईरान के पास न्यूक्लियर वेपन नहीं हो सकता'
मार्को रुबियो ने कहा, "इस हफ्ते, खतरे के खिलाफ मिलकर एक्शन लेने का एक खास मौका मिला। हम चाहते थे कि इसमें ज्यादा से ज्यादा कामयाबी मिले। हम चाहते हैं कि यह ऑपरेशन अपने मकसद को पाने में कामयाब हो। ईरान के पास न्यूक्लियर वेपन नहीं हो सकता। उसके पास वे चीजें नहीं हो सकती हैं जिनके पीछे वो न्यूक्लियर वेपन प्रोग्राम को छुपा सके। हम उनकी मिसाइलों और उनके मिसाइल लॉन्चर को खत्म करने जा रहे हैं। हम इन मिसाइलों और इन लॉन्चर को बनाने की उनकी काबिलियत को खत्म करने जा रहे हैं, हम उनकी नेवी को खत्म करने जा रहे हैं। यही मकसद है।"
'ईरान के मिसाइल प्रोग्राम को खत्म कर देंगे'
मार्को रुबियो ने यह भी कहा कि प्रेसिडेंट ट्रंप ने पहले ही टाइमिंग पर एक्शन लेने का फैसला कर लिया था। प्रेसिडेंट ने उस टाइमिंग पर एक्शन लिया जिससे हमें सक्सेस का सबसे ज्यादा चांस मिला। हम सिस्टमैटिकली मिसाइल प्रोग्राम को खत्म कर देंगे। हम टेररिज्म को स्पॉन्सर करने की उनकी काबिलियत को खत्म कर देंगे। हम उनकी फैक्ट्रियां खत्म कर देंगे। हम उनकी नेवी को खत्म कर देंगे। वो मकसद पूरे होने वाले हैं। हम उन्हें पूरा करने की राह पर हैं। यह आसान नहीं होगा। इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। लेकिन यह न्यूक्लियर-आर्म्ड ईरान होने की तुलना में बहुत कम कीमत है।
यह भी पढ़ें:
फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों का बड़ा कदम, परमाणु संचालित एयरक्राफ्ट कैरियर को भेजा भूमध्य सागरब्रिटेन के बेस पर हमले के बाद PM स्टार्मर का बड़ा फैसला, कहा- 'भेज रहे युद्धपोत और हेलीकॉप्टर'