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कौन हैं वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो की पत्नी सिलिया फ्लोरेस? जब खुले तौर पर विपक्षी सांसदों को कहा था 'पापी'

 Published : Jan 03, 2026 10:19 pm IST,  Updated : Jan 03, 2026 10:29 pm IST

वेनेजुएला के राष्ट्रपति और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस अमेरिकी सेना के कब्जे में हैं। आखिर वेनेजुएला की फर्स्ट लेडी कौन हैं? जिसे अमेरिकी सेना राष्ट्रपति के साथ उन्हें भी अपने साथ ले गई। इसको लेकर चर्चाएं तेज हैं।

Cilia Flores- India TV Hindi
राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की पत्नी सिलिया फ्लोरेस Image Source : AP

अमेरिका ने शुक्रवार देर रात को वेनेजुएला पर बड़े पैमाने पर हमले किए और कहा कि देश के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ लिया गया है। राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस (Cilia Flores) को देश से बाहर ले जाया गया है। सूत्रों के मुताबिक, अमेरिका सेना ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ़्लोरेस को उनके बेडरूम से घसीटकर अपने साथ ले गए। ट्रंप ने कहा कि वह इस पूरे ऑपरेशन को लाइव देख रहे थे।

मादुरो और फ्लोरेस दोनों को देश से बाहर ले जाया गया

अमेरिकी राष्ट्रपति ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, 'अमेरिका ने वेनेजुएला और उसके नेता राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के खिलाफ बड़े पैमाने पर हमला किया है। इस पर सफलता भी पाई है। राष्ट्रपति मादुरो को पत्नी के साथ पकड़ लिया गया है और देश से बाहर ले जाया गया है।'

जानिए कौन हैं सिलिया फ्लोरेस

वेनेजुएला के राष्ट्रपति के साथ ही उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को अमेरिकी सेना के कब्जे में लिए जाने के बाद चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। आखिर राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की पत्नी सिलिया फ्लोरेस कौन हैं? 

गरीब परिवार में हुआ जन्म

सिलिया फ्लोरेस का जन्म 15 अक्टूबर, 1956 को उत्तर पश्चिमी वेनेजुएला के एक छोटे शहर तिनाक्विलो में हुआ। वह छह भाई-बहनों में सबसे छोटी हैं। वह मिट्टी की ईंटों से बनी एक झोपड़ी में पली-बढ़ीं हैं। उनके पिता सेल्समैन थे जो आस-पास के कस्बों में तरह-तरह का सामान बेचते थे। 

वकील के रूप में मिली प्रसिद्धि

बेहतर अवसरों की तलाश में फ्लोरेस का परिवार बाद में वेनेजुएला की राजधानी कराकस चला गया। फ्लोरेस ने आपराधिक कानून की पढ़ाई के लिए एक निजी विश्वविद्यालय में दाखिला लिया। फ्लोरेस ने शुरू में ह्यूगो चावेज़ की वकील के रूप में प्रसिद्धि हासिल की और वेनेजुएला की अटॉर्नी जनरल बनीं।

 लेडी मैकबेथ के नाम से भी जाना गया

कुछ लोग उन्हें लेडी मैकबेथ कहते हैं, जबकि द नेशनल पोस्ट के अनुसार , वह खुद को प्रथम क्रांतिकारी लड़ाकू कहती हैं। एक छात्रा के रूप में उन्हें राजनीति में कोई खास दिलचस्पी नहीं थी। उन्होंने एक पुलिस स्टेशन में अंशकालिक रूप से काम किया, जहां वे गवाहों के बयान लिखती थीं और अपने लंबे समय के प्रेमी एक पुलिस जासूस से शादी की, जिनसे उनके तीन बेटे हुए। कानून की डिग्री हासिल करने के बाद उन्होंने अगले दशक का अधिकांश समय एक निजी फर्म में बचाव पक्ष की वकील के रूप में काम करते हुए बिताया।

फ्लोरेस की राजनीतिक यात्रा 1989 में काराकाजो के दौरान शुरू हुई, जो ईंधन की कीमतों में वृद्धि के कारण भड़के दंगों की एक श्रृंखला थी जिसने काराकास को हिलाकर रख दिया था। इन दंगों से प्रभावित फ्लोरेस के अंदर एक क्रांतिकारी भावना जागी।

992 में तख्तापलट की कोशिश

इन घटनाओं से प्रेरित होकर तत्कालीन सेना लेफ्टिनेंट कर्नल ह्यूगो चावेज ने 1992 में तख्तापलट करने की कोशिश की। फ्लोरेस उनसे बहुत प्रभावित थीं और उन्होंने कराकस में जगह-जगह उनका नाम स्प्रे पेंट से लिख दिया। जल्द ही उन्होंने चावेज को एक पत्र भेजकर उनकी कानूनी रक्षा में सहायता करने की पेशकश की जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया। उसने उसे परामर्श देना शुरू किया और उसके समर्थकों के पत्रों का जवाब देना शुरू किया।

जब निकोलस मादुरो से हुई मुलाकात

अपनी शुरुआती यात्राओं के दौरान फ्लोरेस की मुलाकात कराकस के एक श्रमिक संघ नेता निकोलस मादुरो से हुई, जो चावेज को सलाह भी देते थे। सालों बाद मादुरो ने उन्हें तेज-तर्रार स्वभाव वाली महिला बताया फिर दोनों की नजदीकी बढ़ती गईं और फिर दोनों ने शादी कर ली।

चावेज को राष्ट्रपति का चुनाव लड़ने में की मदद

1994 में राष्ट्रपति द्वारा क्षमादान मिलने के बाद चावेज को फ्लोरेस और अन्य लोगों ने सलाह दी कि वे अपनी सैन्य छवि को पीछे छोड़ दें और खुद को एक ऐसे नागरिक नेता के रूप में प्रस्तुत करें जो गरीबों की मदद करने पर ध्यान केंद्रित करता हो। 1997 तक फ्लोरेस उस अभियान दल का हिस्सा थीं जिसने अगले साल चावेज को राष्ट्रपति चुनाव जीतने में मदद की। लगभग उसी समय मादुरो विधायक चुने गए।

2007 में राष्ट्रीय सभा की नेता चुनी गईं

फ्लोरेस ने 2000 में नेशनल असेंबली में एक सीट जीतने में कामयाबी हासिल की। विधानसभा के अंदर फ्लोरेस ने एक सख्त छवि बनाई। जब वह 2007 में राष्ट्रीय सभा की नेता चुनी गईं, तो उन्होंने खुले तौर पर विपक्षी सांसदों को पापी कहा था।

 प्रथम महिला के रूप में किए कई बड़े बदलाव

2012 में चावेज ने उन्हें अटॉर्नी जनरल नियुक्त किया, जिस पद पर वे मार्च 2013 में उनकी मृत्यु तक रहीं। तत्कालीन उपराष्ट्रपति मादुरो ने उनके उत्तराधिकारी के रूप में चुनाव जीता और इस जोड़े ने जुलाई 2013 में शादी कर ली। प्रथम महिला के रूप में फ्लोरेस ने पहले राष्ट्रपति भवन में छोटे-मोटे बदलाव किए, लेकिन जल्द ही उन्होंने एक बहुत बड़ी भूमिका निभाना शुरू कर दिया।

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