बिहार के हाजीपुर में श्राद्ध के भोज खाने के बाद धमौन गांव के करीब 50 से 60 लोगों की अचानक तबियत बिगड़ गई। जिसमें 15 लोगों की हालत गंभीर है। इन लोगों को बेहोशी की हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया। बीमार पड़ने वालों में ज्यादातर महिलाएं और छोटे बच्चे शामिल हैं। चिकित्साधिकारी का कहना है कि लोग फूड पॉइजनिंग का शिकार हुए हैं।
दरअसल हाजीपुर के धमौन में एक श्राद्ध कार्यक्रम में भोज का आयोजन किया गया था, जिसमें पूरी सब्जी के साथ कई पकवान बनाए गए थे। पूरे गांव को निमंत्रण दिया गया था जिसमें भोज खाने के बाद लोगों की तबियत अचानक बिगड़ने लगी। बड़ी संख्या में लोगों को पेट में दर्द, उल्टी और दस्त होने लगे। एक साथ इतनी बड़ी संख्या में लोगों के बीमार होने से गांव के लोगों में अफरा तफरी मच गई। 15 से ज्यादा लोग बेहोश हो गए जिन्हें तुरंत स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मेहनत में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है।
खाने और मिलावट की जांच की जा रही है
डॉक्टर की टीम सभी बीमार लोगों की देखरेख और इलाज कर रही है। फूड पॉइजनिंग होने की वजह की जांच की जा रही है। कहीं खाने में मलावटी चीजों का इस्तेमाल या किसी तरह की लापरवाही बरतने की वजह सामने आ रही है तो उसकी भी जांच की जा रही है। आपको बता दें इस मौसम में तेज गर्मी के कारण खाना जल्दी खराब होता है। बड़े भोज में अक्सर खाना कई घंटों पहले तैयार कर लिया जाता है। जिससे खाना खराब हो सकता है। कई बार खाने में इस्तेमाल की जाने वाली सामग्री में मिलावट होती है जो फूड पॉइजनिंग का कारण हो सकती है।
फूड पॉइजनिंग के लक्षण
फूड पॉइजनिंग के लक्षणों में मुख्य उल्टी होना, पेट में तेज दर्द महसूस होना, पेट में मरोड़ और ऐंठन महसूस होना, हल्का बुखार आना, चक्कर आना और बेहोशी जैसे लक्षण महसूस होते हैं। इन लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। फूड पॉइजनिंग होने पर शरीर में पानी की कमी हो जाती है। जिससे इलेक्ट्रॉलाइट्स इंबैलेंस हो जाते हैं। जो मरीज की मुश्किलों को काफी बढ़ा सकता है।
इनपुट: राज बाबू (हाजीपुर)