1. Hindi News
  2. बिहार
  3. लालू ने जिसे सिंबल दिया उसे RJD ने 6 साल के लिए पार्टी से क्यों निकाला? गौरा बौराम विधानसभा सीट पर दिलचस्प हुआ चुनाव

लालू ने जिसे सिंबल दिया उसे RJD ने 6 साल के लिए पार्टी से क्यों निकाला? गौरा बौराम विधानसभा सीट पर दिलचस्प हुआ चुनाव

 Reported By: Nitish Chandra Edited By: Niraj Kumar
 Published : Nov 03, 2025 05:17 pm IST,  Updated : Nov 03, 2025 05:26 pm IST

जैसे-जैसे चुनाव की तारीख नजदीक आ रही है, बिहार विधानसभा का चुनाव दिलचस्प होता जा रहा है। गौरा बौराम की सीट पर आरजेडी का सिंबल लालू से हासिल करने वाले अफजल अली खां को पार्टी ने 6 साल के लिए निकाल दिया है।

Afzal ali khan and tejashwi yadav- India TV Hindi
अफजल अली खां और तेजस्वी यादव Image Source : X@MDAFZALALIKHAN6

Bihar Assembly Elections 2025: महागठबंधन को गौरा बौराम विधानसभा सीट पर मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इस सीट पर RJD के सिंबल पर अफजल अली खां ने नामांकन दाखिल किया था। लेकिन बाद में यह सीट वीआईपी को चली गई। अब अफजल अली खां पर नामांकन वापस लेने का दबाव पड़ने लगा लेकिन उन्होंने नामांकन वापस नहीं लिया। लिहाजा पार्टी ने 6 साल के लिए निलंबित कर दिया। बता दें कि उन्हें आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद ने पार्टी का सिंबल दिया था।

संतोष सहनी हैं महागठबंधन के उम्मीदवार

गौरा बौराम की सीट विकासशील इंसान पार्टी के खाते में जाने के बाद पार्टी की ओर अफजल अली खां को कहा गया कि वे नामांकन वापस ले लें। लेकिन अफजल ने पार्टी की बात नहीं मानी और मैदान में डटे रहने का फैसला लिया। लिहाजा इस सीट पर महागठबंधन की राह आसान नहीं लग रही है। मुकेश सहनी की पार्टी ने इस सीट संतोष सहनी को उम्मीदवार बनाया है। संतोष सहनी मुकेश सहनी के भाई हैं। 

मुख्य निर्वाचन अधिकारी को भी लिखी चिट्ठी

आरजेडी का कहना है कि अफजल अली खां के नामांकन वापस नहीं लेने पर लालू प्रसाद ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) को पत्र लिखकर खान की उम्मीदवारी को “अमान्य” मानने का आग्रह किया था, लेकिन चुनाव अधिकारियों ने इसे स्वीकार नहीं किया। संतोष सहनी ने कहा, “मैं संबंधित चुनाव अधिकारियों के खिलाफ हाईकोर्ट जाऊंगा। जब लालू प्रसाद ने सीईओ को लिखित रूप से बता दिया कि खान की उम्मीदवारी रद्द की जाए, तो अधिकारियों को इसे खारिज कर देना चाहिए था। मैं यहां महागठबंधन का आधिकारिक उम्मीदवार हूं, यह बिल्कुल स्पष्ट है, लेकिन अधिकारियों ने जानबूझकर ऐसा नहीं किया।” 

गौरा बौराम सीट पर किस चरण में होगी वोटिंग? 

अब गौर बौराम सीट पर महागठबंधन के दो उम्मीदवारों के बीच सीधा मुकाबला होने के आसार हैं। भाजपा ने इस सीट से सुजीत कुमार को उम्मीदवार बनाया है, जबकि प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी की ओर से मोहम्मद इफ्तेखार आलम मैदान में हैं। पहले चरण के तहत गौरा बौराम सीट पर मतदान छह नवंबर को होगा। उम्मीदवारों की नामांकन वापसी की अंतिम तिथि पहले ही समाप्त हो चुकी है। 

लालटेन चुनाव चिन्ह के साथ मैदान में हैं अफजल अली खां

महागठबंधन के नेताओं का कहना है कि राजद के स्थानीय कार्यकर्ता संतोष सहनी के लिए प्रचार कर रहे हैं, लेकिन खान की उम्मीदवारी से मतदाताओं में भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है क्योंकि वह ‘लालटेन’ चुनाव चिह्न के साथ मैदान में हैं। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2020 के विधानसभा चुनाव में इस सीट पर वीआईपी की स्वर्ण सिंह विजयी रही थीं, जबकि राजद के अफजल अली खान दूसरे स्थान पर रहे थे। 

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। बिहार से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।