बिहार के सुपौल जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। सरायगढ़ थाना क्षेत्र की छिठही पंचायत के सिमरी वार्ड-2 स्थित आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-106 में तीन वर्षीय मासूम की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया, जबकि बच्चे की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। मृतक की पहचान सिमरी वार्ड-2 निवासी रूपेश कुमार शर्मा के तीन वर्षीय पुत्र रियांश कुमार के रूप में हुई है घटना बुधवार की है।
अचेत अवस्था में मिला बच्चा
परिजनों के मुताबिक, बुधवार सुबह रियांश की मां गौरी देवी उसे आंगनबाड़ी केंद्र पर छोड़कर घर लौट आई थीं। कुछ देर बाद उन्हें बच्चे की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिली। परिजन जब केंद्र पहुंचे तो रियांश अचेत अवस्था में पड़ा था। आनन-फानन में उसे राघोपुर रेफरल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया।
मां ने लगाया कुत्ते से डराने का आरोप
मृतक की मां गौरी देवी ने गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि आंगनबाड़ी केंद्र परिसर में विदेशी नस्ल के जर्मन शेफर्ड कुत्ते को बांधकर रखा जाता है और रोने वाले बच्चों को डराने के लिए उसके पास ले जाया जाता था। मां का आरोप है कि बुधवार को भी रियांश को कुत्ते से डराया गया, जिसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई।
मूंगफली देने के बाद बिगड़ी तबीयत: सेविका
वहीं, आंगनबाड़ी सेविका मुन्नी कुमारी ने इन आरोपों से अलग घटनाक्रम बताया। सेविका के अनुसार, बच्चे की मां उसे केंद्र पर छोड़कर गई थीं। उनके जाने के बाद रियांश लगातार रो रहा था। उसे चुप कराने के लिए मूंगफली दी गई। कुछ देर बाद वह अचानक बेहोश होकर गिर पड़ा। इसके बाद परिजनों को सूचना दी गई और बच्चे को अस्पताल ले जाया गया। सेविका ने केंद्र पर कुत्ते की मौजूदगी की बात स्वीकार करते हुए कहा कि बच्चों के आने के समय कुत्ते को दूसरी जगह हटा दिया जाता है।
डीपीओ ने मौके पर पहुंचकर शुरू की जांच
घटना की सूचना के बाद बुधवार शाम सुपौल की डीपीओ आईसीडीएस अंजू कुमारी आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचीं और मामले की स्थानीय स्तर पर जांच की। उन्होंने कहा कि रियांश को उसकी मां ही सुबह केंद्र पर लेकर आई थीं। मां के जाने के बाद बच्चा रोने लगा। सेविका उसे संभालते हुए उसकी मां के पास ले जाने लगी,इसी दौरान उसकी तबीयत बिगड़ गई। स्थानीय लोगों और परिजनों की मदद से उसे अस्पताल ले जाया गया,जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। डीपीओ ने कहा कि मामले में कुत्ते का भी जिक्र सामने आया है,लेकिन आंगनबाड़ी केंद्र के पास कुत्ते की मौजूदगी की फिलहाल पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि मामले के हर पहलू की जांच की जा रही है। जांच में यदि किसी की लापरवाही या दोष सामने आता है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मासूम की मौत की वास्तविक वजह क्या थी,यह जांच का विषय है। परिजनों के आरोप,सेविका के बयान और प्रशासनिक जांच के बाद ही तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
सामने आई कुत्ते के भौंकने से डरने की बात
सरायगढ़ थानाध्यक्ष जयप्रकाश चौधरी ने बताया कि प्रारंभिक जांच के दौरान यह जानकारी भी सामने आई है कि बच्चा किसी कुत्ते के भौंकने से डर गया था। प्रथम दृष्टया भय के कारण उसकी तबीयत बिगड़ने की आशंका की बात सामने आई है। हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह केवल प्रारंभिक जानकारी है। मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। पुलिस सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है और संबंधित लोगों से पूछताछ की जा रही है।
(रिपोर्ट- संत सरोज)
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